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जेकेएसआरटीसी के नए प्रबंध निदेशक के लिए चुनौतियां भी कम नहीं
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जम्मू। कोरोना संकट में वित्त घाटे और चुनौतियों से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर परिवहन निगम (जेकेएसआरटीसी) को नया प्रबंध निदेशक (एमडी) मिल गया है। पूर्व उपायुक्त किश्तवाड़ और जेकेएसएसबी के सदस्य अंग्रेज सिंह राणा को नया एमडी नियुक्ति किया गया है। परिवहन निगम ने पिछले एक साल में चार एमडी देखे हैं, यानी हर चार से पांच महीने में एमडी का तबादला हो रहा है। इसका असर निगम की कार्यप्रणाली के साथ कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ रहा है। हर बार नए एमडी के आने से निगम की पहली वाली योजनाएं लागू नहीं हो पा रही हैं। वर्कशाप में सुधार, बेड़े में नई बसों को शामिल करना, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जर सहित अन्य योजनाएं लागू नहीं हो पाई हैं।
ये हैं चुनौतियां
नए एमडी के सामने अब निगम को वित्तीय रूप से मजबूत करने के साथ अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार और कर्मचारियों की वेतन की समस्या का हल करना बड़ी चुनौती होगी। डिजीटल युग में परिवहन निगम के पास ई-टिकट की कोई सुविधा नहीं है। परिवहन निगम के पास वर्कशाप की कमी बसों के रखरखाव में बड़ी अड़चन है। निगम की वर्कशाप में मशीनरी के साथ कर्मचारियों की भी कमी है। कोरोना संकट में दिन रात काम करने वाले परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। परिवहन निगम ने पिछले वर्ष चिनाब वैली और गुरेज के लिए नए बसें खरीदी थीं। बसें खरीदने के लगभग एक साल बाद भी निगम इन्हें सड़क पर नहीं उतार पाया है। ऐसे में नए एमडी को इन चुनौतियां से पार पाना होगा।
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ये हैं चुनौतियां
नए एमडी के सामने अब निगम को वित्तीय रूप से मजबूत करने के साथ अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार और कर्मचारियों की वेतन की समस्या का हल करना बड़ी चुनौती होगी। डिजीटल युग में परिवहन निगम के पास ई-टिकट की कोई सुविधा नहीं है। परिवहन निगम के पास वर्कशाप की कमी बसों के रखरखाव में बड़ी अड़चन है। निगम की वर्कशाप में मशीनरी के साथ कर्मचारियों की भी कमी है। कोरोना संकट में दिन रात काम करने वाले परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। परिवहन निगम ने पिछले वर्ष चिनाब वैली और गुरेज के लिए नए बसें खरीदी थीं। बसें खरीदने के लगभग एक साल बाद भी निगम इन्हें सड़क पर नहीं उतार पाया है। ऐसे में नए एमडी को इन चुनौतियां से पार पाना होगा।
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