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सांस्कृतिक रंगों से सरोबार हुई पर्यटन नगरी
Pauri
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:32 AM IST
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लैंसडौन। चार दिनों के लिए पर्यटन नगरी पूरी तरह से सांस्कृतिक रंगों में डूब गई है। लैंसडौन महोत्सव के भव्य उद्घाटन समारोह ने साफ हो गया कि आगाज ऐसा है तो फिर आगे का रोमांच और बढ़कर होगा। पहले दिन वाद्य यंत्रों की धुन पर लोक नृत्यों ने लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया तो सेना के कलाकारों के खुखरी नृत्य ने भी समा बंधा।
छावनी परिषद की ओर से आयोजित लैंसडौन महोत्सव का उद्घाटन ग्रीन फील्ड में रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के साथ राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप और विधायक दिलीप रावत, जिलाधिकारी चंद्रेश भट्ट, ब्रिगेडियर विनोद रायजादा, एसपी पौड़ी अजय जोशी और कैंट सीईओ महेश सैनी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन विकास में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम उद्घाटन के बाद स्वागत गान हुआ। उसके बाद जीजीआईसी, कैंट स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, महिला मंगल दल जयहरीखाल के कलाकारों ने गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्कृति के रंगों की छटा बिखेरी। लोक गीतों पर थिरकते पांव और झूमते कलाकारों ने लोगाें को रोमांचित कर दिया। हर प्रस्तुति पर दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट बता रही थी कि प्रस्तुतियां कितनी मनमोहक हैं। वहीं सेना के जवानों का खूखरी डांस पर लोग दांतों तले उंगली दबा दी। आर्मी बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियों ने माहौल को रोमांचित कर दिया। रिखणीखाल क्षेत्र से आई ग्रामीणों की टीमों लोक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियों से अपनी विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान का परिचय दिया। जिसमें ढिमकी गांव के रघुवीर नगाडे़, बुद्धि राम दमाऊ, महानंद मशकबीन थे। राजेंद्र प्रसाद व छतरी लाल नृतक दल में थे। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे।
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सीएम के नहीं आने लोग मायूस
- महोत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत को आना था। लेकिन सुबह से ही उनके नहीं आने की चर्चा होने लगी। फिर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल को आना था लेकिन वह भी नहीं आए। उसके बाद आयोजन समिति ने धीरेंद्र प्रताप से ही कार्यक्रम का शुभारंभ कराने का निर्णय लिया। लेकिन मुख्यमंत्री के आने की चर्चाओं से भी कई लोग वहां पहुंच गए थे। लेकिन सीएम के नहीं आने से उनमें मायूसी नजर आई।
विधायक ने लिए चटकारे
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ऐन वक्त आने से मना करने पर क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने तंज कसते हुए खूब चटकारे लिए। कहा कि इस सैन्य नगरी के लोगों की भावनाओं को भी राजनेताओं को समझना और सम्मान देना चाहिए था। कहा सीएम आते तो सिविल और सेना में बीच बेहतर संवाद कायम होता। साथ ही लैंसडौन में पर्यटन की नई संभावनाओं को भी कुछ ऊर्जा मिलती।
महोत्सव में आज खास
- सुबह 10 बजे पर्यावरण संपोषित पर्यटन विकास पर दस बजे सेमीनार।
- 4:30 बजे पोस्टर और फोटो प्रदर्शनी।
- फुटबाल के सेमीफाइनल मुकाबले और जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की नाइट।
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छावनी परिषद की ओर से आयोजित लैंसडौन महोत्सव का उद्घाटन ग्रीन फील्ड में रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के साथ राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप और विधायक दिलीप रावत, जिलाधिकारी चंद्रेश भट्ट, ब्रिगेडियर विनोद रायजादा, एसपी पौड़ी अजय जोशी और कैंट सीईओ महेश सैनी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन विकास में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।
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कार्यक्रम उद्घाटन के बाद स्वागत गान हुआ। उसके बाद जीजीआईसी, कैंट स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, महिला मंगल दल जयहरीखाल के कलाकारों ने गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्कृति के रंगों की छटा बिखेरी। लोक गीतों पर थिरकते पांव और झूमते कलाकारों ने लोगाें को रोमांचित कर दिया। हर प्रस्तुति पर दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट बता रही थी कि प्रस्तुतियां कितनी मनमोहक हैं। वहीं सेना के जवानों का खूखरी डांस पर लोग दांतों तले उंगली दबा दी। आर्मी बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियों ने माहौल को रोमांचित कर दिया। रिखणीखाल क्षेत्र से आई ग्रामीणों की टीमों लोक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियों से अपनी विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान का परिचय दिया। जिसमें ढिमकी गांव के रघुवीर नगाडे़, बुद्धि राम दमाऊ, महानंद मशकबीन थे। राजेंद्र प्रसाद व छतरी लाल नृतक दल में थे। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे।
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सीएम के नहीं आने लोग मायूस
- महोत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत को आना था। लेकिन सुबह से ही उनके नहीं आने की चर्चा होने लगी। फिर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल को आना था लेकिन वह भी नहीं आए। उसके बाद आयोजन समिति ने धीरेंद्र प्रताप से ही कार्यक्रम का शुभारंभ कराने का निर्णय लिया। लेकिन मुख्यमंत्री के आने की चर्चाओं से भी कई लोग वहां पहुंच गए थे। लेकिन सीएम के नहीं आने से उनमें मायूसी नजर आई।
विधायक ने लिए चटकारे
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ऐन वक्त आने से मना करने पर क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने तंज कसते हुए खूब चटकारे लिए। कहा कि इस सैन्य नगरी के लोगों की भावनाओं को भी राजनेताओं को समझना और सम्मान देना चाहिए था। कहा सीएम आते तो सिविल और सेना में बीच बेहतर संवाद कायम होता। साथ ही लैंसडौन में पर्यटन की नई संभावनाओं को भी कुछ ऊर्जा मिलती।
महोत्सव में आज खास
- सुबह 10 बजे पर्यावरण संपोषित पर्यटन विकास पर दस बजे सेमीनार।
- 4:30 बजे पोस्टर और फोटो प्रदर्शनी।
- फुटबाल के सेमीफाइनल मुकाबले और जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की नाइट।