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प्रदीप हत्याकांड के खुलासे को जाम, प्रदर्शन
Pauri
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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कोटद्वार। ग्राम नंदपुर मोटाढाक निवासी प्रदीप सिंह रावत हत्याकांड का मामला गरमा गया है। गुस्साए लोगों ने इस मामले में हो रही देरी पर मोटाढाक चौराहा जाम कर दिया। यहां पर एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। लोगों ने प्रदर्शन किया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों को पुलिस जाम हटाने के लिए मना सकी। ग्रामीणों ने मामले के खुलासे के लिए पुलिस को तीन दिन का समय दिया है। इस समयावधि में कोई प्रगति नहीं होने पर थाने का घिराव करने का निर्णय लिया गया है।
बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में भाबर क्षेत्र के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा मोटाढाक चौराहा पर एकत्रित हुए। नौ नवंबर को हुए प्रदीप हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर वे नारेबाजी करने लगे। चौराहे पर ही लोगों ने सड़क को चारों तरफ से जाम कर दिया। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और हत्याकांड का जल्द खुलासे की मांग उठाई। जाम की सूचना पर सीओ अरुणा भारती और अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। इस मौके पर पूर्व विधायक रावत ने कहा कि आखिर इस क्षेत्र की कानून व्यवस्था कैसे सुधरेगी। प्रदीप की हत्या को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है। परिजन जानना चाहते हैं कि आखिर किसने और क्यों प्रदीप की हत्या कर दी। इसके अलावा एक के बाद एक हत्याकांड हो रहे हैं, लेकिन पुलिस किसी का खुलासा नहीं कर पा रही है। पहले रचना की हत्या की गई। उसके बाद ग्रास्टनगंज में महिला का शव मिला। उसके अगले दिन ही प्रदीप का शव घर के पास ही पड़ा मिला। इसके अलावा कई चोरियां, चेन स्नेचिंग की घटनाएं हुई हैं, लेकिन पुलिस किसी का भी खुलासा नहीं कर पाई है। मौके पर पहुंची सीओ ने लोगों को जल्दी मामले के खुलासे का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों की सहमति पर पुलिस को तीन दिन का समय देने के बाद जाम खोल दिया गया।
नेगी ने सीएम को भेजा पत्र
कोटद्वार। प्रदीप हत्याकांड का अब तक खुलासा नहीं होने पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने मामले की जांच राज्य स्तर पर सक्षम एजेंसी से कराने के लिए सीएम को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि स्थानीय पुलिस हत्यारे को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले का खुलासा किया जाना जरूरी है। पीड़ित परिवार की ओर से कहा गया है कि उनके पुत्र की हत्या के मामले की जांच किसी सक्षम एजेंसी से कराई जाए। पीड़ित परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि पुलिस ने अभी तक उनके पुत्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई है।
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नौ नवंबर को हुई थी मौत
मोटाढाक के नंदपुर में पिछले दिनों प्रदीप सिंह रावत का शव उसके घर के पास मिला था। इसे हत्या माना जा रहा है। उसकी मौत नौ नवंबर की रात को हुई थी। जिसका पता दस नवंबर को सुबह चल पाया। प्रदीप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी तीन पसलियां और लीवर डैमेज पाया गया है। लीवर के डैमेज के लिए डाक्टरों ने रैपचर्ड यानी कुचला हुआ शब्द का प्रयोग किया है। लीवर के कुचले होने की वजह से भी इस मामले को हत्या मानने की बात को बल मिल रहा है।
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बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में भाबर क्षेत्र के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा मोटाढाक चौराहा पर एकत्रित हुए। नौ नवंबर को हुए प्रदीप हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर वे नारेबाजी करने लगे। चौराहे पर ही लोगों ने सड़क को चारों तरफ से जाम कर दिया। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और हत्याकांड का जल्द खुलासे की मांग उठाई। जाम की सूचना पर सीओ अरुणा भारती और अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। इस मौके पर पूर्व विधायक रावत ने कहा कि आखिर इस क्षेत्र की कानून व्यवस्था कैसे सुधरेगी। प्रदीप की हत्या को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है। परिजन जानना चाहते हैं कि आखिर किसने और क्यों प्रदीप की हत्या कर दी। इसके अलावा एक के बाद एक हत्याकांड हो रहे हैं, लेकिन पुलिस किसी का खुलासा नहीं कर पा रही है। पहले रचना की हत्या की गई। उसके बाद ग्रास्टनगंज में महिला का शव मिला। उसके अगले दिन ही प्रदीप का शव घर के पास ही पड़ा मिला। इसके अलावा कई चोरियां, चेन स्नेचिंग की घटनाएं हुई हैं, लेकिन पुलिस किसी का भी खुलासा नहीं कर पाई है। मौके पर पहुंची सीओ ने लोगों को जल्दी मामले के खुलासे का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों की सहमति पर पुलिस को तीन दिन का समय देने के बाद जाम खोल दिया गया।
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नेगी ने सीएम को भेजा पत्र
कोटद्वार। प्रदीप हत्याकांड का अब तक खुलासा नहीं होने पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने मामले की जांच राज्य स्तर पर सक्षम एजेंसी से कराने के लिए सीएम को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि स्थानीय पुलिस हत्यारे को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले का खुलासा किया जाना जरूरी है। पीड़ित परिवार की ओर से कहा गया है कि उनके पुत्र की हत्या के मामले की जांच किसी सक्षम एजेंसी से कराई जाए। पीड़ित परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि पुलिस ने अभी तक उनके पुत्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई है।
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नौ नवंबर को हुई थी मौत
मोटाढाक के नंदपुर में पिछले दिनों प्रदीप सिंह रावत का शव उसके घर के पास मिला था। इसे हत्या माना जा रहा है। उसकी मौत नौ नवंबर की रात को हुई थी। जिसका पता दस नवंबर को सुबह चल पाया। प्रदीप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी तीन पसलियां और लीवर डैमेज पाया गया है। लीवर के डैमेज के लिए डाक्टरों ने रैपचर्ड यानी कुचला हुआ शब्द का प्रयोग किया है। लीवर के कुचले होने की वजह से भी इस मामले को हत्या मानने की बात को बल मिल रहा है।