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वन चौकी के पास वन्य जीवों की मौत के मामले की जांच के आदेश
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:44 PM IST
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पौड़ी। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल भुवन चंद्र ने आरक्षित वन रेंज नागदेव की ऊली एवं पश्चिमी खिर्सू बीट के पास मिले वन्य जीवों के कंकाल मामले की शनिवार को जांच के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच की जाएगी। कंकाल किन वन्य जीवों के हैं, इसका पता लगाने के लिए इन्हें वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट भेजकर इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पौड़ी में बीते दिनों चौबट्टा खिर्सू से हरियालीसैंण तक ट्रेकिंग के दौरान दल में शामिल लोग उल्खागढ़ी मंदिर से वापस फैडखाल की ओर लौट रहे थे। इस बीच नागदेव रेंज की ऊली एवं पश्चिमी खिर्सू बीट से मात्र बीस मीटर की दूरी पर वर्षों से बंद पड़े एक भवन में ट्रेकिंग दल में शामिल कुछ लोगों को वन्य जीवों के कई कंकाल मिले। इस बारे में शुरुआत में संबंधित अधिकारियों ने इस तरह की घटना से इनकार किया, लेकिन जब उन्हें इसके फोटोग्राफ दिखाए गए तो अधिकारी इनकी मौत की वजह कमरे में दम घुटने से बताने लगे, लेकिन सवाल यह है कि वन चौकी के पास इतनी संख्या में वन्य जीव कमरे में बंद कैसे हुए। मुख्य वन संरक्षक भुवन चंद्र ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। डीएफओ गढ़वाल वन प्रभाग को इस मामले में विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वन्य जीवों के कंकालों के सैंपलों को भी जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून भेजा जा रहा है। इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पौड़ी में बीते दिनों चौबट्टा खिर्सू से हरियालीसैंण तक ट्रेकिंग के दौरान दल में शामिल लोग उल्खागढ़ी मंदिर से वापस फैडखाल की ओर लौट रहे थे। इस बीच नागदेव रेंज की ऊली एवं पश्चिमी खिर्सू बीट से मात्र बीस मीटर की दूरी पर वर्षों से बंद पड़े एक भवन में ट्रेकिंग दल में शामिल कुछ लोगों को वन्य जीवों के कई कंकाल मिले। इस बारे में शुरुआत में संबंधित अधिकारियों ने इस तरह की घटना से इनकार किया, लेकिन जब उन्हें इसके फोटोग्राफ दिखाए गए तो अधिकारी इनकी मौत की वजह कमरे में दम घुटने से बताने लगे, लेकिन सवाल यह है कि वन चौकी के पास इतनी संख्या में वन्य जीव कमरे में बंद कैसे हुए। मुख्य वन संरक्षक भुवन चंद्र ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। डीएफओ गढ़वाल वन प्रभाग को इस मामले में विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वन्य जीवों के कंकालों के सैंपलों को भी जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून भेजा जा रहा है। इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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