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ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा दें विभाग:डीएम
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:32 PM IST
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पौड़ी। जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सबल बनाना प्रशासन का मकसद है।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा को लेकर वीडिओ व रेखीय विभागों की बैठक में ग्रामीण विकास पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में चलाये जा रहे कलस्टरों के माध्यम से कार्यों को और तेजी से आगे बढ़ाया जाय। उन्होंने पशुपालन अधिकारी को मुर्गी व बकरी बाड़े बनाने के साथ ही पॉल्ट्री के क्षेत्र में काश्तकारों को जोड़ने के निर्देश दिए। मत्स्य विभाग के अधिकारी को नील क्रांति शीत जल मात्स्यिकी के तहत माला गांव समेत अन्य स्थानों पर मत्स्य तालाबों का निर्माण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन, कृषि, उद्यान एवं विकास विभाग को कहा कि क्षेत्र में जो लाभार्थी स्वरोजगार का कार्य कर रहे हैं, उन्हें चिह्न्ति कर विभाग के माध्यम से पूरा सहयोग किया जाए। पेयजल के अधिकारियों को चाल-खाल निर्माण के साथ ही पेयजल स्रोतों का रखरखाव व एकल पेयजल योजनाओं की मरम्मत मनरेगा के तहत करने के भी निर्देश दिए। बाल विकास विभाग को अच्छे आंगनवाड़ी केंद्रों के अलावा शौचालय और वॉलपेंटिंग जैसे कार्य किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा को लेकर वीडिओ व रेखीय विभागों की बैठक में ग्रामीण विकास पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में चलाये जा रहे कलस्टरों के माध्यम से कार्यों को और तेजी से आगे बढ़ाया जाय। उन्होंने पशुपालन अधिकारी को मुर्गी व बकरी बाड़े बनाने के साथ ही पॉल्ट्री के क्षेत्र में काश्तकारों को जोड़ने के निर्देश दिए। मत्स्य विभाग के अधिकारी को नील क्रांति शीत जल मात्स्यिकी के तहत माला गांव समेत अन्य स्थानों पर मत्स्य तालाबों का निर्माण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन, कृषि, उद्यान एवं विकास विभाग को कहा कि क्षेत्र में जो लाभार्थी स्वरोजगार का कार्य कर रहे हैं, उन्हें चिह्न्ति कर विभाग के माध्यम से पूरा सहयोग किया जाए। पेयजल के अधिकारियों को चाल-खाल निर्माण के साथ ही पेयजल स्रोतों का रखरखाव व एकल पेयजल योजनाओं की मरम्मत मनरेगा के तहत करने के भी निर्देश दिए। बाल विकास विभाग को अच्छे आंगनवाड़ी केंद्रों के अलावा शौचालय और वॉलपेंटिंग जैसे कार्य किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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