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शौचालय दे रहे बीमारी को आमंत्रण
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ नैनीताल।
Updated Mon, 19 Oct 2015 12:53 AM IST
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केंद्रीय व राज्य स्तर पर भले ही सभी विद्यालयों में शौचालय की अनिवार्यता लागू कर दी गई हो, लेकिन इसकी सफाई के लिए व्यवस्था नहीं की गई है।
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इसी कारण विद्यालयों में स्थित शौचालयों में कहीं पानी नहीं तो कहीं गंदगी भरी हुई है। मंडल मुख्यालय में भी विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति खासी बद्तर है।
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यहां शौचालयों में जाना तो दूर, उसके समीप खड़े रहना भी मुश्किल है। जीर्णशीर्ण व गंदगी से भरे शौचालय बीमारी को आमंत्रण दे रहे हैं।
बृहस्पतिवार को तल्लीताल क्षेत्र के स्कूलों की पड़ताल की गई। पूर्व में यहां मौजूद आर्य समाज, कन्या प्राइमरी, बालक प्राइमरी, मोटर गैराज चार विद्यालयों को मिलाकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनाया गया।
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बावजूद इसके यहां मात्र 26 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। इनमें से 10 लड़कियां हैं। लेकिन यहां मौजूद शौचालय के दरवाजे टूटे हुए थे तथा शौचालय भी गंदे थे।
शिक्षिकाओं व बच्चों ने बताया कि अक्सर स्कूल समय में पानी नहीं आता। बीते कुछ दिनों से नल में पानी की बूंद नहीं टपकी। इससे यहां मौजूद गंदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसके समीप में जूनियर हाईस्कूल है, जहां 24 विद्यार्थी अध्य्यनरत हैं। जीर्णशीर्ण व खस्ताहाल होने के कारण विद्यालय बरसात के दौरान और भी संवेदनशील हो जाता है।
जिसे समीप के कक्ष में चलाया जाता है। समीप में चार शौचालय बने हैं। जिनके बाहर ही इतनी गंदगी है कि व्यक्ति खड़ा न रह सके। शौचालय के अंदर जाकर शौच करना किसी बीमारी को आमंत्रण देने से कमतर नहीं है।
पड़ताल में मौजूदा शिक्षकों ने बताया कि यहां कोई सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। वर्ष में मात्र 5000 रुपया रंग रोगन के लिए मिलता है। जिससे नियमित रंग रोगन होना भी दुष्कर है।
राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय तल्लीताल स्थित शौचालय की सफाई दुरुस्त थी। लेकिन शिक्षिकाओं के निजी प्रयास से ही यह संभव हो पा रहा है।