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स्कूल में तिलक लगाकर आने से रोकने पर विद्यार्थी परिषद का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Thu, 05 May 2016 01:08 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नवाबी रोड स्थित दून पब्लिक स्कूल में प्रार्थना सभा में प्रधानाचार्या द्वारा बच्चों को तिलक लगाकर स्कूल आने से मना करने के मुद्दे को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि इस तरह की पाबंदी लगाकर स्कूल प्रबंधन लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश कर रहा है। बाद में स्कूल प्रबंधन द्वारा इस बात पर खेद व्यक्त करने पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता शांत हुए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाबुझाकर स्कूल से वापस भेजा।
विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता बुधवार दोपहर दून पब्लिक स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्या के कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि कुछ बच्चों को तिलक लगाकर स्कूल आने पर मंगलवार को प्रार्थना सभा में मना किया गया था। इस मामले में जब बच्चों के अभिभावक बात करने गए तो उन्हें स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्या ने फटकार लगा दी। अभिभावकों से इस मामले की जानकारी मिलने पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं को विरोध के लिए आगे आना पड़ा।
कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने अपनी ओर से काफी देर तक सफाई देने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने तथा स्कूल प्रबंधन द्वारा माफी मांगे जाने की बात पर अड़े रहे। प्रधानाचार्य से कार्यकर्ताओं की तीखी बहस भी हुई। बाद में स्कूल प्रबंधन द्वारा मीडिया के सामने मामले पर खेद जताने पर कार्यकर्ता शांत हुए। नैनीताल, ऊधमसिंह नगर संयोजक चंद्रशेखर जोशी ने कहा की किसी भी संस्थान में बच्चों पर ऐसी बंदिशें लगाने का प्रयास किया गया तथा किसी धर्म विशेष की भावनाएं आहत होने पर विद्यार्थी परिषद विरोध करेगी।
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इस दौरान विभाग संगठन मंत्री दीपक शर्मा, छात्रनेता विकास सिजवाली, प्रज्ञान शर्मा, अंकित गोयल, तरुण बिष्ट, मोहित कांडपाल, दीपक मेहरा, उदय बिष्ट, योगेश जोशी, कार्तिक, बजरंग दल के कृष्ण गोपाल, अभिलाष कांडपाल, प्रकाश परगाईं आदि कार्यकर्ता मौजूद थे। अखिल भारत हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष भीम सिंह एवं महामंत्री प्रशांत अग्रवाल ने भी दून स्कूल में बच्चों पर ऐसी बंदिश लगाए जाने को गलत बताया है।
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कोट
प्रार्थना सभा में बच्चों को तिलक लगाकर स्कूल न आने की बात किसी धर्म विशेष की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं कही गई थी बल्कि बच्चों में समानता बनी रहे, इसके ऐसा कहा गया था। स्कूल में सभी धर्मों के बच्चे पढ़ते हैं।
- रीता सनवाल, प्रधानाचार्या, दून स्कूल
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विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता बुधवार दोपहर दून पब्लिक स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्या के कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि कुछ बच्चों को तिलक लगाकर स्कूल आने पर मंगलवार को प्रार्थना सभा में मना किया गया था। इस मामले में जब बच्चों के अभिभावक बात करने गए तो उन्हें स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्या ने फटकार लगा दी। अभिभावकों से इस मामले की जानकारी मिलने पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं को विरोध के लिए आगे आना पड़ा।
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कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने अपनी ओर से काफी देर तक सफाई देने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने तथा स्कूल प्रबंधन द्वारा माफी मांगे जाने की बात पर अड़े रहे। प्रधानाचार्य से कार्यकर्ताओं की तीखी बहस भी हुई। बाद में स्कूल प्रबंधन द्वारा मीडिया के सामने मामले पर खेद जताने पर कार्यकर्ता शांत हुए। नैनीताल, ऊधमसिंह नगर संयोजक चंद्रशेखर जोशी ने कहा की किसी भी संस्थान में बच्चों पर ऐसी बंदिशें लगाने का प्रयास किया गया तथा किसी धर्म विशेष की भावनाएं आहत होने पर विद्यार्थी परिषद विरोध करेगी।
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इस दौरान विभाग संगठन मंत्री दीपक शर्मा, छात्रनेता विकास सिजवाली, प्रज्ञान शर्मा, अंकित गोयल, तरुण बिष्ट, मोहित कांडपाल, दीपक मेहरा, उदय बिष्ट, योगेश जोशी, कार्तिक, बजरंग दल के कृष्ण गोपाल, अभिलाष कांडपाल, प्रकाश परगाईं आदि कार्यकर्ता मौजूद थे। अखिल भारत हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष भीम सिंह एवं महामंत्री प्रशांत अग्रवाल ने भी दून स्कूल में बच्चों पर ऐसी बंदिश लगाए जाने को गलत बताया है।
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कोट
प्रार्थना सभा में बच्चों को तिलक लगाकर स्कूल न आने की बात किसी धर्म विशेष की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं कही गई थी बल्कि बच्चों में समानता बनी रहे, इसके ऐसा कहा गया था। स्कूल में सभी धर्मों के बच्चे पढ़ते हैं।
- रीता सनवाल, प्रधानाचार्या, दून स्कूल