फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Students do not have a book of psychology

छात्राओं के पास नहीं मनोविज्ञान की किताब

Wed, 21 Oct 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल। Updated Wed, 21 Oct 2015 12:27 AM IST
विज्ञापन

अमर उजाला के ‘बेटियों के स्कूल’ अभियान का असर दिखने लगा है। स्कूलों की बदहाली को गंभीरता से लेते हुए डीएम दीपक रावत मंगलवार को अचानक जीजीआईसी नैनीताल पहुंच गए। यहां हर कदम पर खामियां ही खामियां दिखाई दीं।

विज्ञापन


प्रवेश गेट पर विद्यालय का नाम नहीं था, शौचालय गंदगी से पटे थे, नल टूटे थे तो कई जगह बल्ब भी नहीं थे। अव्यवस्था देख गुस्साए डीएम ने प्रधानाचार्य और प्रबंधन की क्लास लगाई।
विज्ञापन


हालांक कक्षाओं में जाकर छात्राओं से सवाल पूछने पर डीएम शिक्षण से संतुष्ट नजर आए, लेकिन 11वीं कक्षा में छात्राओं के पास मनोविज्ञान की पुस्तक न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा एक माह में व्यवस्थाएं सुधार लें अन्यथा वेतन रोक दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह 10.30 बजे डीएम जीजीआईसी पहुंचे। कालेज गेट पर सीसी से बने विद्यालय गेट पर स्कूल का नाम ही न होने पर डीएम ने प्रधानाचार्या मंजू पाल से सवाल किया। जिसपर उन्होेंने बजट न होने का हवाला दिया। इसके बाद कई कक्षाओं व गैलरी में कई स्थानों पर बल्ब नहीं थे।

वाटर प्यूरीफायर खराब था। पानी की टंकी से नल गायब थे, जो थे वह भी टूटे हुए। शौचालय का निरीक्षण किया तो वहां भी गंदगी पड़ी थी। वहां डस्टबिन भी नहीं था। पूछताछ में विद्यालय प्रबंधन ने स्वच्छक के छुट्टी पर होने का हवाला दिया।

अव्यवस्थाओं से खफा डीएम ने विद्यालय रमसा व अन्य मद से आने वाली धनराशि की जानकारी प्राप्त की। जिसमें पीटीए मद में 1.90 लाख, रमसा में 49 हजार समेत अन्य एक दर्जन मदों में पर्याप्त धनराशि थी।

इस धनराशि के इस्तेमाल का अधिकार प्रधानाचार्य/प्रबंधन को है। बावजूद इसके विद्यालय की अनियमितताओं पर डीएम ने प्रधानाचार्य व कार्मिकों क्लास लगाई। कहा कि एक माह में व्यस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो वेतन रोकने समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इससे पूर्व डीएम ने छठी, आठवीं, नवीं कक्षा समेत कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। हालांकि विद्यार्थियों से सवाल जवाब करने पर तो वह संतुष्ट नजर आए। लेकिन 11वीं की छात्राओं के पास मनोविज्ञान की किताब न होने पर उन्होंने शिक्षक को प्रधानाचार्य के माध्यम से सीईओ को पत्र भेजने को कहा।


उन्होंने एनसीईआरटी की इस पुस्तक के बाजार में उपलब्ध न होने पर हैरानी जताई। इसके अलावा विधायक निधि मद से 3 लाख की चाहरदीवारी के बाद विधायक के नाम का बोर्ड परिसर के किनारे पड़े होने पर भी डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निष्प्रयोज्य सामान की नीलामी को भी कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed