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Nainital News: हल्द्वानी में खूंखार हुए लावारिस कुत्ते, एक दिन में 40 लोगों को काटा

Tue, 27 Oct 2026 01:35 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Tue, 27 Oct 2026 01:35 AM IST
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Stray dogs turn ferocious in Haldwani; bite 40 people in a single day
हल्द्वानी। शहर की सड़कों और गली-मोहल्लों में निकलना लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं रह गया है। लावारिस कुत्तों के झुंड बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। सोमवार को कुत्तों ने 40 लोगों को काटकर घायल कर दिया। इनमें सबसे अधिक मामले बद्रीपुरा और आसपास के इलाकों से सामने आए।
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सुबह-शाम ठंड बढ़ने और प्रजनन काल के चलते लावारिस और पालतू कुत्ते आक्रामक होने लगे हैं। खुद को थोड़ा सा भी असुरक्षित महसूस होने पर वे हमलावर हो रहे हैं। सोमवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुत्तों के काटने के दो-चार नहीं, बल्कि 40 मामले सामने आए हैं जिसके बाद बेस अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाने आने वाले मरीजों की भीड़ जुट गई।
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अस्पताल के नर्सिंग अधिकारी अनुशीन सिंह ने बताया कि बेस में सोमवार को इमरजेंसी में 260 मरीज पहुंचे। 62 मरीजों को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया। इनमें सबसे अधिक 40 लोगों को कुत्तों ने और 22 लोगों को बिल्ली, बंदर, चूहे आदि ने काटा था। सार्वजनिक अवकाश के कारण ओपीडी बंद होने से इमरजेंसी में मरीजों की दिनभर आवाजाही बनी रही।
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यहां है कुत्तों का सबसे अधिक आतंक
हल्द्वानी के बद्रीपुरा और इसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा लावारिस कुत्तों का सबसे अधिक आतंक लामाचौड़, राजपुरा, दमुवाढूंगा, बनभूलपुरा, और गौजाजाली क्षेत्र में है। सोमवार को भी इन्हीं स्थानों से कुत्तों के काटे हुए लोग बेस अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचेे थे।
खेल-खेल में भी लग जाते हैं नाखून और दांत
बेस अस्पताल के नर्सिंग अधिकारी अनुशीन सिंह ने बताया कि घरों में बच्चे अक्सर अपने पालतू कुत्ते और बिल्लियों के साथ खेलते रहते हैं। खेल-खेल में कई बार कुत्ते उछलकूद करने लगते हैं या फिर बच्चों की हरकतें पसंद न आने पर वह अचानक आक्रामक हो जाते हैं और काटने लगते हैं। कई बार खेल-खेल में भी कुत्तों के नाखून या दांत लग जाते हैं और खून निकलने लगता है।
पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है एंटी रैबीज इंजेक्शन
बेस अस्पताल के नर्सिंग अधिकारी अनुशीन सिंह ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि यहां केवल हल्द्वानी से ही नहीं बल्कि नैनीताल जिले के विभिन्न शहरों और गांवों से भी लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं। बताया कि कई बार तो कुमाऊं के दूसरे जिलों से भी मरीज बेस अस्पताल पहुंचकर एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाते हैं।


इंजेक्शन लगवाने हर दिन पहुंचते हैं 60-70 लोग
हल्द्वानी। बेस अस्पताल में रोजाना 60 से 70 लोग एंटी रेबीज लगवाने पहुंचते हैं। इनमें नए-पुराने मरीजों के अलावा कुत्ते, बिल्ली, बंदर, चूहे आदि के काटे के मामले शामिल होते हैं। पीएमएस डॉ. एमके तिवारी ने बताया कि कुत्ते के काटने के हर रोज 15 से 20 मामले आते हैं।
लोगों की चीखों को अनसुना कर रहा सिस्टम
हल्द्वानी। लावारिस कुत्ते हर दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। इसके बावजूद हालात पर काबू पाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद कुत्तों से निजात दिलाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इतना जरूर है कि सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन मुफ्त लगाने को सिस्टम अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
नगर निगम के 60 वार्डों में 35 हजार लावारिस कुत्ते होने का अनुमान है। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को हटाने, उनके लिए शेल्टर बनाने और कुत्तों के काटने से मौत या गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए थे लेकिन शहर में इन निर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है। दिन-रात शहर के विभिन्न इलाकों में कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं।
इस साल की प्रमुख घटनाएं
1. जनवरी में मल्ली बमौरी और पॉलीशिट में पार्षद के भाई समेत 15 पर हमला।

2. जनवरी में पॉलीशीट में स्कूल जाते बच्चे पर हमला।
3. फरवरी में काठगोदाम में पुलिस दरोगा समेत आठ लोगों को काटा।

4. जुलाई में चौफुला चौराहे के पास महिला पर हमला।
5. सितंबर में पॉलीशीट में 17 साल की किशोरी पर हमला।

6. सितंबर में गौजाजाली में 10 साल के बच्चे पर हमला।
डॉग हाउस की डीपीआर एक साल से शासन में लटकी
नगर निगम प्रशासन ने लावारिस कुत्तों के बधियाकरण के लिए वर्ष 2021 में टनकपुर रोड पर एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर बनाया था। अनुमान के मुताबिक अब तक इसमें 21 हजार कुत्तों का बधियाकरण कराया जा चुका है। नगर निगम ने करीब एक साल पहले डॉग हाउस निर्माण की डीपीआर शासन को भेजी थी। यहां एक बार में बधियाकरण के लिए लाने वाले 70 से 80 कुत्तों को एक साथ रखने की व्यवस्था है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत नगर निगम क्षेत्र में लावारिस कुत्तों के आतंक को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। समय-समय पर बधियाकरण कराया जा रहा है और डॉग हाउस निर्माण के लिए शासन से बजट मांगा गया है।
बद्रीपुरा में लोगों को काटने वाला कुत्ता पकड़ा
वार्ड-11 आनंदबाग के बद्रीपुरा क्षेत्र में सोमवार को आठ से 10 लोगों को लावारिस कुत्ते की काटने की सूचना नगर निगम प्रशासन को दी गई। इस पर नगर निगम के एबीसी सेंटर की टीम को वार्ड में भेजा गया। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सीएस टोलिया ने बताया कि टीम ने काफी मशक्कत के बाद लावारिस कुत्ते को पकड़ लिया। उसे पशु चिकित्सक की निगरानी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 35 हजार लावारिस कुत्ते हैं। अब तक 21 हजार कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है। इस बार 10 हजार का लक्ष्य रखा गया है।
डॉग शेल्टर के निर्माण की डीपीआर शासन को भेजी गई है। करीब एक करोड़ से अधिक का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही एबीसी सेंटर परिसर की खाली जमीन पर इसका निर्माण कराया जाएगा। इसमें एक बार में 216 कुत्ते रखे जा सकेंगे।

-परितोष वर्मा, नगर आयुक्त
नगर निगम को लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही उनके बधियाकरण के लिए एबीसी सेंटर को और सक्रिय करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

- ललित मोहन रयाल, डीएम नैनीताल


कुत्ते के काटने पर---
क्या करें

1. काटने या खरोंच लगने पर घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं।

2. तुरंत अस्पताल जाएं, डॉक्टर की सलाह से एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाएं।

3. डॉक्टर को पूरी जानकारी दें, टिटनेस से बचाव के बारे में भी पूछें।


क्या न करें ---
1. घाव पर घरेलू चीजें न लगाएं, हल्दी, मिर्च, नमक, मिट्टी, तेल या राख लगाने से बचें।

2. घाव छोटा होने, खून न निकलने या कुत्ता पालतू होने के कारण खतरे को नजरअंदाज न करें।

3. टीकाकरण अधूरा न छोड़ें, डॉक्टर की सलाह के अनुसार टीके की पूरी खुराक लें।
कुत्ते के हमले से बचने के लिए जरूरी एहतियात
कुत्ते को छेड़ने, दौड़ाने या पत्थर मारने से बचें।


सोते, खाते या पिल्लों के साथ मौजूद कुत्ते को परेशान न करें।

आक्रामक कुत्ता दिखने पर शांत रहें और धीरे-धीरे दूरी बनाएं।
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