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Nainital News: याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
Thu, 08 Oct 2026 02:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:22 AM IST
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प्रतीकात्मक
बाउंड्रीवॉल गिराने, मौके पर पड़ा शटरिंग का सामान ले जाने के मामले में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत
नैनीताल। देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में खरीदी हुई जमीन में घुसकर बाउंड्रीवॉल गिराने, मौके पर पड़ा शटरिंग का सामान ले जाने व स्थल का वीडियो बनाकर उसे अपनी जमीन बताते हुए प्रसारित करने के मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
आनंद सिंह गुसाईं, राकेश गुसाईं और खेम सिंह गुसाईं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके खिलाफ देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से दर्ज एफआईआर को निरस्त करने व उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि योगेन्द्र चौहान की शिकायत के अनुसार, 25 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे याचिकाकर्ताओं ने उनकी खरीदी हुई जमीन में घुसकर बाउंड्रीवॉल गिरा दी थी। आरोप है कि वे मौके पर पड़ा शटरिंग का सामान भी ले गए थे और स्थल का वीडियो बनाकर उसे अपनी जमीन बताते हुए प्रसारित किया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उन्होंने 28 जून 2026 को पहले ही शिकायत दी थी कि शिकायतकर्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी स्वामित्व और कब्जे की जमीन पर बाउंड्रीवॉल बना दी है। याचिका में कहा गया कि एफआईआर के आरोपों को सही मान भी लिया जाए तो विवाद दोनों पक्षों की संपत्तियों की सीमा और कथित अतिक्रमण से जुड़ा दीवानी प्रकृति का है। एफआईआर में संबंधित भूमि का कोई खसरा नंबर भी दर्ज नहीं है।
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नैनीताल। देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में खरीदी हुई जमीन में घुसकर बाउंड्रीवॉल गिराने, मौके पर पड़ा शटरिंग का सामान ले जाने व स्थल का वीडियो बनाकर उसे अपनी जमीन बताते हुए प्रसारित करने के मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
आनंद सिंह गुसाईं, राकेश गुसाईं और खेम सिंह गुसाईं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके खिलाफ देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से दर्ज एफआईआर को निरस्त करने व उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि योगेन्द्र चौहान की शिकायत के अनुसार, 25 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे याचिकाकर्ताओं ने उनकी खरीदी हुई जमीन में घुसकर बाउंड्रीवॉल गिरा दी थी। आरोप है कि वे मौके पर पड़ा शटरिंग का सामान भी ले गए थे और स्थल का वीडियो बनाकर उसे अपनी जमीन बताते हुए प्रसारित किया था।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उन्होंने 28 जून 2026 को पहले ही शिकायत दी थी कि शिकायतकर्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी स्वामित्व और कब्जे की जमीन पर बाउंड्रीवॉल बना दी है। याचिका में कहा गया कि एफआईआर के आरोपों को सही मान भी लिया जाए तो विवाद दोनों पक्षों की संपत्तियों की सीमा और कथित अतिक्रमण से जुड़ा दीवानी प्रकृति का है। एफआईआर में संबंधित भूमि का कोई खसरा नंबर भी दर्ज नहीं है।
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