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रामगंगा और कोसी में राफ्टिंग की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Mon, 08 Aug 2016 12:29 AM IST
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रामगंगा और कोसी नदी में वाटर राफ्टिंग कराने की तैयारी है। इसके लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम, वन विभाग और आईटीबीपी के विशेषज्ञों ने सर्वे शुरू कर दिया है।
अभी तक कुमाऊं में पिथौरागढ़ के कालीगंगा और चंपावत में शारदा नदी में वाटर राफ्टिंग होती है।
अब एडवेंचर गेम को दूसरी जगह भी विस्तारित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। मानसून के समय पहाड़ की नदियों में भरपूर पानी होता है, ऐसे में तेज बहाव और पानी का इस्तेमाल वाटर राफ्टिंग में किया जा सकता है, इसकी संभावना शासन ने तलाशने का फैसला किया है।
कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम टीएस मर्तोलिया कहते हैं कि इसके लिये कोसी और रामगंगा का चयन किया गया है। रामगंगा नदी में चौखुटिया-भिक्यिासैंण से मार्चूला तक का इलाका शामिल किया गया है।
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इसी तरह कोसी नदी में खैरना से रामनगर का इलाका लिया गया है। यह सर्वे रविवार से शुरू किया गया है। इसमें केएमवीएन, आईटीबीपी, फारेस्ट, उत्तराखंड पर्यटन परिषद के लोग शामिल रहे। सर्वे 10 अगस्त तक चलेगा।
इसके बाद सर्वे रिपोर्ट को शासन को सौंपा जाएगा। अगर मानसून में राफ्टिंग की संभावना का पता सर्वे में चलता है तो अगले साल से यह शुरू करने पर विचार किया जाएगा। टीम में इंस्पेक्टर आईटीबीपी विजय जोशी, राफ्टिंग एसो. के सदस्य धर्मेंद्र भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या आदि शामिल हैं।
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अभी तक कुमाऊं में पिथौरागढ़ के कालीगंगा और चंपावत में शारदा नदी में वाटर राफ्टिंग होती है।
अब एडवेंचर गेम को दूसरी जगह भी विस्तारित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। मानसून के समय पहाड़ की नदियों में भरपूर पानी होता है, ऐसे में तेज बहाव और पानी का इस्तेमाल वाटर राफ्टिंग में किया जा सकता है, इसकी संभावना शासन ने तलाशने का फैसला किया है।
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कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम टीएस मर्तोलिया कहते हैं कि इसके लिये कोसी और रामगंगा का चयन किया गया है। रामगंगा नदी में चौखुटिया-भिक्यिासैंण से मार्चूला तक का इलाका शामिल किया गया है।
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इसी तरह कोसी नदी में खैरना से रामनगर का इलाका लिया गया है। यह सर्वे रविवार से शुरू किया गया है। इसमें केएमवीएन, आईटीबीपी, फारेस्ट, उत्तराखंड पर्यटन परिषद के लोग शामिल रहे। सर्वे 10 अगस्त तक चलेगा।
इसके बाद सर्वे रिपोर्ट को शासन को सौंपा जाएगा। अगर मानसून में राफ्टिंग की संभावना का पता सर्वे में चलता है तो अगले साल से यह शुरू करने पर विचार किया जाएगा। टीम में इंस्पेक्टर आईटीबीपी विजय जोशी, राफ्टिंग एसो. के सदस्य धर्मेंद्र भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या आदि शामिल हैं।