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बारिश ने बद्रीपुरा काठगोदाम में मचाई तबाही
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काठगोदाम बद्रीपुरा में देर रात मूसलाधार बारिश से टूटा मकान का हिस्सा। अमर उजाला
हल्द्वानी। बुधवार की रात काठगोदाम के बदरीपुरा इलाके में बारिश काल बनकर आई। मूसलाधार बारिश से कलशिया गधेरा उफना गया। कलशिया गधेरे के उफनाने से एक मकान टूट गया। करीब छह लोगों के मकानों के आगे दीवार ढह गई। सूचना मिलने पर तहसीलदार पीआर आर्या, पटवारी दीपक टम्टा, नैनीताल के पटवारी गंगा दत्त पलड़िया समेत कई पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए।
कलशिया गधेरे के उफनाने से चरनजीत सिंह और असगर ठेकेदार के मकान को अधिक क्षति पहुंची। असगर के रसोई का सामान, फ्रिज समेत तमाम जरूरी सामान बारिश की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा काले भाई, सुभाष चंद्र, गुड़िया, असगर हुसैन, जग्गा, अफसर हुसैन, अशरफ के मकानों के आगे की दीवार ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यहां रह रहा एक किराएदार जहीर अहमद पुत्र अमीर अहमद मकान से सामान बचाने के चक्कर में गधेरे में बह गया। वह 100 मीटर दूर तक बहा और गौला बैराज से समीप एक पानी का पाइप लाइन उसके हाथ लगने से वह बच गया।
बारिश के चलते नरीमन चौराहा के पास कलशिया पुल को जोड़ने वाला रास्ता भी बारिश की भेंट चढ़ गया। बद्रीपुरा में रह रहे करीब 300 परिवारों के लोग दहशत में आ गए। उन्होंने पूरी रात बाहर पहरा देकर बिताई। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर पालिका इंटर कालेज में कई कमरे खाली करा दिए हैं। प्रशासन की ओर से इलाके में मुनादी कराई गई और लोगों से सुरक्षित स्थानों या इंटर कालेज में चले जाने को कहा है। फिलहाल पुलिस, प्रशासन के लोग रात में पहरा कर रहे हैं और मूसलाधार बारिश का क्रम जारी है। काठगोदाम थाने के एसओ कमाल हसन ने भी मौका मुआयना किया और लोगों से सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने की अपील की।
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1993 में भी बहे थे कई मकान
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 1993 की भारी बारिश से भी इलाके में कई लोगों के मकान बहे थे। तब भी जनहानि नहीं हुई थी लेकिन लोगों का काफी सामान बर्बाद हो गया था। कलशिया गधेरा हर बरसात में यहां कहर बरपाता रहा है।
मलबा गिरने से भीमताल-रानीबाग रोड बंद, जाम लगा
हल्द्वानी। बुधवार की रात आठ बजे से हुई मूसलाधार बारिश के चलते भीमताल-रानीबाग मोटर मार्ग पर चंदा देवी के पास मलबा गिर गया। इससे सड़क पर यातायात ठप हो गया। घंटों बाद मलबा हटाने पर आवागमन सामान्य हो सका। रास्ता बंद होने का जानकारी मिलने पर पटवारी राधे सिंह राणा ने इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता कमल पाठक को दी। पाठक ने तत्काल जेसीबी मशीन के चालक को मौके पर भेज दिया। इसके बाद सड़क पर गिरे मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मूसलाधार बारिश के बीच जेसीबी चालक ने किसी तरह सड़क पर गिरे मलबे को हटाया। चार घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते रानीबाग पुल बरसाती पानी से लबालब हो गई। इसके चलते पुल पर भी यातायात काफी देर तक बाधित रहा। रात साढ़े दस बजे के करीब चंदा देवी में फिर से मलबा आ गया जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। खबर लिखे जाने तक भीमताल-रानीबाग रोड में कई जगह है मलबा पत्थर और पेड़ गिरे हुए थे।
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कलशिया गधेरे के उफनाने से चरनजीत सिंह और असगर ठेकेदार के मकान को अधिक क्षति पहुंची। असगर के रसोई का सामान, फ्रिज समेत तमाम जरूरी सामान बारिश की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा काले भाई, सुभाष चंद्र, गुड़िया, असगर हुसैन, जग्गा, अफसर हुसैन, अशरफ के मकानों के आगे की दीवार ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यहां रह रहा एक किराएदार जहीर अहमद पुत्र अमीर अहमद मकान से सामान बचाने के चक्कर में गधेरे में बह गया। वह 100 मीटर दूर तक बहा और गौला बैराज से समीप एक पानी का पाइप लाइन उसके हाथ लगने से वह बच गया।
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बारिश के चलते नरीमन चौराहा के पास कलशिया पुल को जोड़ने वाला रास्ता भी बारिश की भेंट चढ़ गया। बद्रीपुरा में रह रहे करीब 300 परिवारों के लोग दहशत में आ गए। उन्होंने पूरी रात बाहर पहरा देकर बिताई। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर पालिका इंटर कालेज में कई कमरे खाली करा दिए हैं। प्रशासन की ओर से इलाके में मुनादी कराई गई और लोगों से सुरक्षित स्थानों या इंटर कालेज में चले जाने को कहा है। फिलहाल पुलिस, प्रशासन के लोग रात में पहरा कर रहे हैं और मूसलाधार बारिश का क्रम जारी है। काठगोदाम थाने के एसओ कमाल हसन ने भी मौका मुआयना किया और लोगों से सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने की अपील की।
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1993 में भी बहे थे कई मकान
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 1993 की भारी बारिश से भी इलाके में कई लोगों के मकान बहे थे। तब भी जनहानि नहीं हुई थी लेकिन लोगों का काफी सामान बर्बाद हो गया था। कलशिया गधेरा हर बरसात में यहां कहर बरपाता रहा है।
मलबा गिरने से भीमताल-रानीबाग रोड बंद, जाम लगा
हल्द्वानी। बुधवार की रात आठ बजे से हुई मूसलाधार बारिश के चलते भीमताल-रानीबाग मोटर मार्ग पर चंदा देवी के पास मलबा गिर गया। इससे सड़क पर यातायात ठप हो गया। घंटों बाद मलबा हटाने पर आवागमन सामान्य हो सका। रास्ता बंद होने का जानकारी मिलने पर पटवारी राधे सिंह राणा ने इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता कमल पाठक को दी। पाठक ने तत्काल जेसीबी मशीन के चालक को मौके पर भेज दिया। इसके बाद सड़क पर गिरे मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मूसलाधार बारिश के बीच जेसीबी चालक ने किसी तरह सड़क पर गिरे मलबे को हटाया। चार घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते रानीबाग पुल बरसाती पानी से लबालब हो गई। इसके चलते पुल पर भी यातायात काफी देर तक बाधित रहा। रात साढ़े दस बजे के करीब चंदा देवी में फिर से मलबा आ गया जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। खबर लिखे जाने तक भीमताल-रानीबाग रोड में कई जगह है मलबा पत्थर और पेड़ गिरे हुए थे।