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रात में आंधी, सुबह दिखा बर्बादी
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हल्द्वानी में कुसुमखेड़ा हनुमान मंदिर के निकट दुकान पर गिरा पेड़। संवाद
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हल्द्वानी। जिले में बृहस्पतिवार की रात 11 बजे आई आंधी से व्यापक नुकसान हुआ है। आंधी से हुए नुकसान की तस्वीर शुक्रवार सुबह दिखाई दी। जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल उखड़े दिखाई दिए। हल्द्वानी शहर में ही आठ पेड़ गिरे हैं। इससे बिजली की लाइनें टूट गईं और भवनों को भी नुकसान हुआ। केवल हल्द्वानी ग्रामीण और नगर क्षेत्र के करीब डेढ़ लाख कनेक्शनों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह तड़के चार बजे तक आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन अधिक नुकसान वाले ग्रामीण क्षेत्र डिवीजन से जुडे़ इलाकों में 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली का संकट रहा। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को पेयजल किल्लत का भी सामना करना पड़ा।
रात को गई बिजली अगले दिन दोपहर में आई
हल्द्वानी। आंधी के कारण कई पेड़ गिर गए और कहीं पर टहनियां टूटकर 33 और 11 केवी बिजली की लाइन पर गिरीं। इससे पोल और बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचा। कई ट्रांसफार्मर खराब हो गए। गौलापार में बिजली के पोल मुड़ गए। इसके चलते बृहस्पतिवार रात 11 बजे शहरी और ग्रामीण डिवीजन के एक लाख चालीस हजार से अधिक कनेक्शनों की आपूर्ति ठप हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण डिवीजन में हुआ। इस डिवीजन में सात सब स्टेशन आते हैं। इनमें लालकुआं, गोरापड़ाव, कालाढूंगी मार्ग, रामपुर रोड, लालडांठ से लेकर बसानी आदि क्षेत्र आता है। अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) डीडी पांगती ने बताया कि बिजली लाइनों को साठ से सत्तर जगहों पर नुकसान हुआ।
टीमें रात से जुटी थीं। सुबह तक 33 केवी की लाइनों को ठीक किया गया। दिन में 11 बजे तक अधिकतर स्थानों में बिजली सप्लाई बहाल हो गई। मोटाहल्दू, हल्दूचौड़ में करीब चार बजे तक आपूर्ति सामान्य हो सकी। मुखानी, रूपनगर, आदर्श नगर में पांच सौ कनेक्शन हैं, यहां पर ज्यादा दिक्कत थी। ईई (नगर) डीएस बिष्ट कहते हैं कि शहरी क्षेत्र में 52 हजार कनेक्शन हैं, तूफान के समय सभी जगह आपूर्ति ठप हो गई। गौलापार क्षेत्र में कई बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसके साथ ही बिजली की लाइनें टूट गई। इस क्षेत्र में करीब सात हजार कनेक्शन है, तीन बजे तक आधे कनेक्शनों की आपूर्ति को सामान्य कर दिया गया था।
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नुकसान के आकलन में जुटा ऊर्जा निगम
हल्द्वानी। ऊर्जा निगम आंधी से हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गया है। अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार कहते हैं कि जिले में करीब अस्सी जगहों पर बिजली की लाइन टूट गई थीं। करीब पचास खंभों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है, पहली प्राथमिकता थी कि जल्द से जल्द आपूर्ति को सामान्य किया जाए।
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रात को गई बिजली अगले दिन दोपहर में आई
हल्द्वानी। आंधी के कारण कई पेड़ गिर गए और कहीं पर टहनियां टूटकर 33 और 11 केवी बिजली की लाइन पर गिरीं। इससे पोल और बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचा। कई ट्रांसफार्मर खराब हो गए। गौलापार में बिजली के पोल मुड़ गए। इसके चलते बृहस्पतिवार रात 11 बजे शहरी और ग्रामीण डिवीजन के एक लाख चालीस हजार से अधिक कनेक्शनों की आपूर्ति ठप हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण डिवीजन में हुआ। इस डिवीजन में सात सब स्टेशन आते हैं। इनमें लालकुआं, गोरापड़ाव, कालाढूंगी मार्ग, रामपुर रोड, लालडांठ से लेकर बसानी आदि क्षेत्र आता है। अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) डीडी पांगती ने बताया कि बिजली लाइनों को साठ से सत्तर जगहों पर नुकसान हुआ।
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टीमें रात से जुटी थीं। सुबह तक 33 केवी की लाइनों को ठीक किया गया। दिन में 11 बजे तक अधिकतर स्थानों में बिजली सप्लाई बहाल हो गई। मोटाहल्दू, हल्दूचौड़ में करीब चार बजे तक आपूर्ति सामान्य हो सकी। मुखानी, रूपनगर, आदर्श नगर में पांच सौ कनेक्शन हैं, यहां पर ज्यादा दिक्कत थी। ईई (नगर) डीएस बिष्ट कहते हैं कि शहरी क्षेत्र में 52 हजार कनेक्शन हैं, तूफान के समय सभी जगह आपूर्ति ठप हो गई। गौलापार क्षेत्र में कई बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसके साथ ही बिजली की लाइनें टूट गई। इस क्षेत्र में करीब सात हजार कनेक्शन है, तीन बजे तक आधे कनेक्शनों की आपूर्ति को सामान्य कर दिया गया था।
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नुकसान के आकलन में जुटा ऊर्जा निगम
हल्द्वानी। ऊर्जा निगम आंधी से हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गया है। अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार कहते हैं कि जिले में करीब अस्सी जगहों पर बिजली की लाइन टूट गई थीं। करीब पचास खंभों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है, पहली प्राथमिकता थी कि जल्द से जल्द आपूर्ति को सामान्य किया जाए।