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लोक निर्माण विभाग सड़कों का दो बार करा चुका है फिजिबिलिटी टेस्ट
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हल्द्वानी। मुखानी और मंगलपड़ाव से लेकर तीनपानी तक फ्लाईओवर बनाने की बात पहले भी उठती रही है। इसके लिए प्रयास भी हुए हैं। लोनिवि की ओर से दो बार फिजिबिलिटी टेस्ट कराया जा चुका है।
हाईकोर्ट ने फरवरी 2019 में मुखानी सड़क को चौड़ा करने या इस सड़क पर फ्लाईओवर बनाने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद जिला प्रशासन से लेकर लोनिवि के अधिकारियों ने इसका दौरा किया था। फ्लाईओवर बनाने के लिए दो कंपनियों से फिजिबिलिटी टेस्ट कराया गया था। दोनों कंपनियों ने मुखानी रोड पर फ्लाईओवर बनने से सीधे मना कर दिया।
2008-09 में लोनिवि ने मंगलपड़ाव से लेकर तीनपानी तक फ्लाईओवर बनाने के लिए दो बार खुद और एक बार कंसल्टेंसी से इस सड़क का फिजिबिलिटी टेस्ट कराया। इसमें भी ये सड़क फेल हो गई। इसके बाद लोनिवि ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। तत्कालीन अधिशासी अभियंता लोनिवि (अब सेवानिवृत्त हो चुके) एचएस रावत ने बताया कि लोक निर्माण विभाग हल्द्वानी की सड़कों का फिजिबिलिटी टेस्ट करवा चुका है लेकिन एक भी सड़क फ्लाईओवर के मानकों को पूरा नहीं करती है। कहा कि हल्द्वानी में फ्लाईओवर बनाने के लिए बहुत तोड़फोड़ करनी पड़ेगी।
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ये हैं मानक
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मानेड्ड तो फ्लाईओवर बनाने के लिए सड़क की चौड़ाई कम से कम 22 मीटर चाहिए। अगर इसमें 3-3 मीटर की पटरियों को शामिल कर दें तो इसकी चौड़ाई और बढ़ जाएगी। इससे कम चौड़ाई में फ्लाईओवर बनाने में आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
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हाईकोर्ट ने फरवरी 2019 में मुखानी सड़क को चौड़ा करने या इस सड़क पर फ्लाईओवर बनाने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद जिला प्रशासन से लेकर लोनिवि के अधिकारियों ने इसका दौरा किया था। फ्लाईओवर बनाने के लिए दो कंपनियों से फिजिबिलिटी टेस्ट कराया गया था। दोनों कंपनियों ने मुखानी रोड पर फ्लाईओवर बनने से सीधे मना कर दिया।
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2008-09 में लोनिवि ने मंगलपड़ाव से लेकर तीनपानी तक फ्लाईओवर बनाने के लिए दो बार खुद और एक बार कंसल्टेंसी से इस सड़क का फिजिबिलिटी टेस्ट कराया। इसमें भी ये सड़क फेल हो गई। इसके बाद लोनिवि ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। तत्कालीन अधिशासी अभियंता लोनिवि (अब सेवानिवृत्त हो चुके) एचएस रावत ने बताया कि लोक निर्माण विभाग हल्द्वानी की सड़कों का फिजिबिलिटी टेस्ट करवा चुका है लेकिन एक भी सड़क फ्लाईओवर के मानकों को पूरा नहीं करती है। कहा कि हल्द्वानी में फ्लाईओवर बनाने के लिए बहुत तोड़फोड़ करनी पड़ेगी।
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ये हैं मानक
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मानेड्ड तो फ्लाईओवर बनाने के लिए सड़क की चौड़ाई कम से कम 22 मीटर चाहिए। अगर इसमें 3-3 मीटर की पटरियों को शामिल कर दें तो इसकी चौड़ाई और बढ़ जाएगी। इससे कम चौड़ाई में फ्लाईओवर बनाने में आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।