Nainital: कुमाऊं में बीते दो साल में सड़क हादसों में इतने लोगों की गई जान, डराने वाले हैं आंकड़े; ये रही वजह
Uttarakhand Accident: नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्र की सड़कों की दशा किसी से छिपी नहीं है। कई सड़कें खस्ताहाल हैं। कुमाऊं में बीते दो साल में सड़क हादसों में इतने लोगों ने जान गवाई है। खबर में पढ़िए वजह...
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विस्तार
हैड़ाखान मोटरमार्ग पिछले डेढ़ साल से हादसे का सबब बना हुआ है। नवंबर 2022 में यह सड़क बिना बारिश के ही भूस्खलन की चपेट में आ गई थी। यहां 380 मीटर के दायरे में किसी भी समय भूस्खलन हो सकता है। लोग जान जोखिम में डालकर यहां सफर करने को मजबूर हैं। काठगोदाम से हैड़ाखान को निकलने वाली ये सड़क रीठा साहिब तक के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
120 गांवों की 50,000 की आबादी की लाइफलाइन माना जाने वाला काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग भूस्खलन प्रभावित स्थल पर खतरों से भरा है। इस सड़क पर हर दिन हजारों लोग जान हथेली पर रखकर आवाजाही करते हैं। सड़क के किनारे की पहाड़ी मलबे से पटी है। सड़क का अलाइनमेंट इतना खतरनाक है कि वाहन किसी भी वक्त अनियंत्रित होकर पलट सकता है। दोपहिया वाहनों के लिए सड़क पार करना भी चुनौती है। बरसात में इस सड़क पर सफर करना और अधिक जोखिम भरा हो जाता है। यहां भू-धंसाव की आशंका बनी रहती है। जरा सी चूक होने पर वाहन खाई में समा सकता है। इस मार्ग पर कई बार वाहन पलट भी चुके हैं।
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बेतालघाट ब्लॉक की गड्ढे वाली सड़कें
- भुजान-बेतालघाट मार्ग
- रातीघाट-बेतालघाट मार्ग
- शहीद बलवंत सिंह मोटर मार्ग
- ओखलढूंगा-रामनगर मार्ग
- बेतालघाट-गर्जिया मार्ग
- बेतालघाट-भतरौजखान मोटर मार्ग
परेशानी का आलम
- सड़कों के किनारे पैरापिट नहीं।
- डामरीकरण नहीं होने से हादसे का डर।
धरने के बाद भी नहीं सुधर पाए मोटर मार्ग
ओखलकांडा के छीड़ाखान-रीठासाहिब मोटरमार्ग में छह महीने पहले कैंपर के खाई में गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद भी शासन-प्रशासन नहीं जागा। ओखलकांडा और बेतालघाट मोटरमार्ग में 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कई बार ग्रामीण बदहाल मोटर मार्गों को सही कराने के लिए धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन विभागीय अधिकारी बजट ना होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
22 फरवरी 2022: चंपावत में रीठा साहिब मार्ग के पास वाहन खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी।
9 जुलाई 2022: ढेला नदी के तेज बहाव में अनियंत्रित हुई कार में नौ लोगों की मौत हो गई थी।
23 मार्च 2023: पूर्णागिरि मंदिर से लौट रहे तीन श्रद्धालुओं को वाहन ने कुचला, मौत।
8 अक्तूबर 2023: नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर बस खाई में गिरी, सात यात्रियों की मौत।
18 नवंबर 2023: छीड़ाखान-रीठासाहिब मार्ग पर कैंपर 500 मीटर खाई में गिर गया था। इसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी।
साल हादसे मौत
2021 472 271
2022 596 345
2023 555 373