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मेवाड़ यूनिवर्सिटी के गोलमाल का खुलासा
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Fri, 01 Apr 2016 01:40 AM IST
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विजिलेंस ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी चितौड़गढ़ राजस्थान के चेयरमैन, डीन, होस्टल वार्डन, अकाउंटेंट और अध्यापकों द्वारा उत्तराखंड के कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के करोड़ों रुपये के गोलमाल का खुलासा किया है। यूनिवर्सिटी ने रुपये लाभार्थियों को न देकर स्वयं हड़प लिए। छात्रों को टेक्निकल एजूकेशन बीटेक, एमबीए, बीबीए आदि कोर्स का आवेदन फार्म भराया गया और उनके बैंक खाते गाजियाबाद में खुलवाए गए थे।
इस गोलमाल की शिकायत एडवोकेट एसके दिवाकर ने ई-मेल से विजिलेंस में की थी। सेक्टर नैनीताल के निरीक्षक अरविंद डंगवाल और देहरादून के निरीक्षक अर्जुन सिंह रावत ने गोपनीय जांच की। जिसमें गोलमाल की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई। विजिलेंस के मुताबिक नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर के लगभग 250 छात्रों में से कोई भी इस यूनिवर्सिटी कैंपस में अध्ययनरत नहीं है। यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति के लिए समाज कल्याण विभाग से धनराशि मांगी थी। वर्तमान में बजट न होने के कारण समाज कल्याण विभाग ने बजट आवंटन नहीं किया।
सतर्कता विभाग की जांच से अकेले नैनीताल जनपद से ही सत्र 2014-15 और सत्र 2015-16 में करीब चार करोड़ 30 लाख रुपये यूनिवर्सिटी ने मांगा है। उत्तरकाशी से करीब तीन लाख 65 हजार रुपये बैंक अकाउंट में जमा कर दिए।
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विजिलेंस ने धोखाधड़ी के मामले में 11 लोगों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 511, 120 के तहत जनपद नैनीताल एवं उत्तरकाशी में अभियोग पंजीकृत किया है। जिसमें यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों एवं स्थानीय व्यक्ति नामजद हैं। एक अभियुक्त ललित नेगी की गिरफ्तारी की गई है। विजिलेंस निदेशक ने सेक्टर देहरादून एवं हल्द्वानी की जांच टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
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इस गोलमाल की शिकायत एडवोकेट एसके दिवाकर ने ई-मेल से विजिलेंस में की थी। सेक्टर नैनीताल के निरीक्षक अरविंद डंगवाल और देहरादून के निरीक्षक अर्जुन सिंह रावत ने गोपनीय जांच की। जिसमें गोलमाल की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई। विजिलेंस के मुताबिक नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर के लगभग 250 छात्रों में से कोई भी इस यूनिवर्सिटी कैंपस में अध्ययनरत नहीं है। यूनिवर्सिटी ने छात्रवृत्ति के लिए समाज कल्याण विभाग से धनराशि मांगी थी। वर्तमान में बजट न होने के कारण समाज कल्याण विभाग ने बजट आवंटन नहीं किया।
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सतर्कता विभाग की जांच से अकेले नैनीताल जनपद से ही सत्र 2014-15 और सत्र 2015-16 में करीब चार करोड़ 30 लाख रुपये यूनिवर्सिटी ने मांगा है। उत्तरकाशी से करीब तीन लाख 65 हजार रुपये बैंक अकाउंट में जमा कर दिए।
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विजिलेंस ने धोखाधड़ी के मामले में 11 लोगों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 511, 120 के तहत जनपद नैनीताल एवं उत्तरकाशी में अभियोग पंजीकृत किया है। जिसमें यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों एवं स्थानीय व्यक्ति नामजद हैं। एक अभियुक्त ललित नेगी की गिरफ्तारी की गई है। विजिलेंस निदेशक ने सेक्टर देहरादून एवं हल्द्वानी की जांच टीम को इनाम देने की घोषणा की है।