बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई: बनभूलपुरा में 78 लोगों पर 39.66 लाख का जुर्माना, यूपीसीएल ने पकड़े थे 120 मामले
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में बिजली चोरी के बड़े मामले पकड़ में आने के 24 घंटे बाद 78 लोगों की फर्द तैयार की गई है। इन पर 39.66 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया है। एक व्यक्ति पर 2500 रुपये से लेकर 3.50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया गया है।
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हल्द्वानी शहर के बनभूलपुरा क्षेत्र में बिजली चोरी का अब तक का बड़ा मामला पकड़ में आने के 24 घंटे बाद 78 लोगों की फर्द तैयार की गई है। इन पर 39.66 लाख का जुर्माना तय किया गया है। एक व्यक्ति पर 2500 रुपये से लेकर 3.50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया है। कुल 120 बिजली चोरी के मामले दर्ज किए जाने हैं। वहीं बिजली चोरी के मामले में पकड़े गए लोगों ने यूपीसीएल कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
यूपीसीएल, विजिलेंस और पुलिस फोर्स ने सोमवार को सुबह आजादनगर, नई बस्ती, स्टेशन रोड और गांधीनगर फीडर में छापेमारी कर 100 से अधिक दुकानों और घरों में बिजली चोरी पकड़ी थी। बड़े स्तर पर हो रही चोरी से यूपीसीएल को एक दिन में 40 से 45 हजार के राजस्व की चपत लग रही थी। मामला खुलने के बाद यूपीसीएल के 20 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम देर रात तक कागजात तैयार करने में जुटी रही। मंगलवार को भी इसका क्रम चलता रहा। अभी 42 फर्द और तैयार की जानी हैं।
बिजली काटने के बाद फीडरों का लोड आधा हुआ-
छापेमारी अभियान से पहले बिजली फीडरों का लोड 110 एंपीयर तक रिकार्ड किया गया, जो कार्रवाई के बाद 40 से 50 फीसदी तक कम हो गया है। औसतन एक फीडर में 24 घंटे में 50 हजार यूनिट की खपत हो रही थी जो घटने के बाद 28 से 30 तक पहुंच गई है।
फीडर पहले बाद
गांधीनगर 87 61
आजादनगर 110 69
स्टेशन रोड 96 83
यह एंपीयर में रिकार्ड किया गया 24 घंटे का बिजली सप्लाई का आंकड़ा है।
बनभूलपुरा में चोरी रोकने को तीन करोड़ से खींच रहे लाइन-
जिले के हल्द्वानी टाउन और ग्रामीण, रामनगर और नैनीताल डिविजन में 1.88 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है लेकिन अभी तक 89 हजार ही मीटर लग पाए हैं। बनभूलपुरा क्षेत्र की बात करें तो यहां 70 फीसदी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं, शेष हिस्से में ही बिजली चोरी की जा रही है। इन दिनों यहां तीन करोड़ की लागत से करीब 380 किमी आर्म्ड केबल खींची जा रही है, इसमें से अभी 60 किमी लाइन खींचने का काम पूरा हो गया है। इसमें रेलवे अतिक्रमण वाले क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार बनभूलपुरा में आर्म्ड केबल बनाने का स्थानीय लोग विरोध भी कर रहे हैं।
दो साल पहले चला था अभियान
बनभूलपुरा में इससे पहले वर्ष 2024 में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चला था, इसमें 67 पर बिजली चोरी का केस दर्ज कराया गया था। दो साल बाद यह कार्रवाई हुई। अनुमान के मुताबिक महीने में औसतन 2.40 लाख यूनिट बिजली की चोरी हुई, जिससे दो साल में 2.80 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
बिजली चोरी में एक किलोवाट से लेकर पांच किलोवाट तक के कनेक्शनों की जांच की जा रही है। इसी हिसाब से जुर्माना राशि तय की जा रही है, यही कारण है कि समय लग रहा है।
प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल