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कारगिल शहीद का बेटा सेना में भर्ती
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रामनगर (नैैनीताल)। कारगिल शहीद रामप्रसाद ध्यानी का छोटा बेटा सेना में भर्ती हो गया और वर्तमान में राजस्थान के बीकानेर में देश की सेवा कर रहा है। शहीद की पत्नी की इच्छा थी कि उनका बेटा सेना में जाकर देश सेवा करे।
पीरूमदारा क्षेत्र हाथीडंगर निवासी 17 वीं गढ़वाल राइफल्स के लांस नायक रामप्रसाद ध्यानी 25 जुलाई 1999 को कारगिल में शहीद हुए थे। वह मूलरूप से गांव डांडातौली, पोस्ट तोल्यूडांडा तहसील धुमाकोट पौड़ी गढ़वाल निवासी थे। रामप्रसाद ध्यानी के पिता सकलानंद, माता सिदोरी देवी छोटे बेटे सुबोध के साथ रहते हैं। रामप्रसाद ध्यानी की पत्नी जयंती देवी को पीरूमदारा में पेट्रोलपंप मिला है। उनकेे दो पुत्र अंकित ध्यानी, अजय ध्यानी और एक पुत्री ज्योति ध्यानी, जिसकी शादी हो चुकी है। वीरांगना जयंती देवी बताती हैं कि 18 जुलाई 1989 में उनके पति ने सेना ज्वाइन की थी और शहीद होने तक वह 17 साल की नौकरी कर चुके थे।
वीरांगना जयंती देवी की इच्छा थी कि कम से कम उनका एक बेटा सेना में जाकर देशसेवा करे। पिछले साल उनका छोटा बेटा अजय सेना में भर्ती हो गया और इस समय राजस्थान के बीकानेर में देश की सेवा कर रहा है। शहीद के परिवार ने हाथीडंगर वाली सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखने की मांग की है।
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पीरूमदारा क्षेत्र हाथीडंगर निवासी 17 वीं गढ़वाल राइफल्स के लांस नायक रामप्रसाद ध्यानी 25 जुलाई 1999 को कारगिल में शहीद हुए थे। वह मूलरूप से गांव डांडातौली, पोस्ट तोल्यूडांडा तहसील धुमाकोट पौड़ी गढ़वाल निवासी थे। रामप्रसाद ध्यानी के पिता सकलानंद, माता सिदोरी देवी छोटे बेटे सुबोध के साथ रहते हैं। रामप्रसाद ध्यानी की पत्नी जयंती देवी को पीरूमदारा में पेट्रोलपंप मिला है। उनकेे दो पुत्र अंकित ध्यानी, अजय ध्यानी और एक पुत्री ज्योति ध्यानी, जिसकी शादी हो चुकी है। वीरांगना जयंती देवी बताती हैं कि 18 जुलाई 1989 में उनके पति ने सेना ज्वाइन की थी और शहीद होने तक वह 17 साल की नौकरी कर चुके थे।
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वीरांगना जयंती देवी की इच्छा थी कि कम से कम उनका एक बेटा सेना में जाकर देशसेवा करे। पिछले साल उनका छोटा बेटा अजय सेना में भर्ती हो गया और इस समय राजस्थान के बीकानेर में देश की सेवा कर रहा है। शहीद के परिवार ने हाथीडंगर वाली सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखने की मांग की है।
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