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बंदियों के मनोरंजन के लिए उप कारागार में खुलेगा जेल रेडियो
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अरविंद उपाध्याय
हल्द्वानी। यूपी की कुछ जेलों की तर्ज पर अब हल्द्वानी उपकारागार में बंदियों के मनोरंजन के लिए जेल रेडियो खुलने जा रहा है। बंदियों की फरमाइश पर जेल प्रशासन उन्हें न सिर्फ रेडियो के गीत संगीत सुनाएगा बल्कि जेल समाचार भी सुनाए जाएंगे। यहां से बकायदा कैदियों और बंदियों को रेडियो जॉकी (आरजे) भी बनाया जाएगा। इसके लिए दस बंदियों का चयन किया गया है। इस रेडियो स्टेशन का उद्घाटन दस अक्तूबर से पहले होने की संभावना है।
जेल सुधारों पर कार्य कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप रघुनंदन ने इस मामले में उपकारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या से मुलाकात की थी। उन्होंने अधीक्षक को बताया था कि बंदियों के स्वस्थ मनोरंजन और मानसिक परिवर्तन के लिए जेल रेडियो बड़ा कदम हो सकता है। इसके बाद जेल रेडियो संचालन के लिए कारागार में एक स्टूडियो तैयार किया जा रहा है। यहां से पूरे रेडियो स्टेशन का नियंत्रण और प्रसारण होगा।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रदेश की जेलों में यह पहला प्रयास होगा। यूपी और मध्य प्रदेश की कुछ जेलों में इस प्रकार का प्रयास चल रहा है। रेडियो जॉकी के लिए ध्रुव तिवारी, अमित राजपूत, रामजी सहित दस बंदियों का चयन किया गया है, जो गीत संगीत सुनाएंगे। कैदी अपनी फरमाइश कागज पर लिखकर जेल प्रशासन को देंगे। जेल रेडियो की अवधि दोपहर तीन से चार बजे तक की रहेगी। बाद में कैदियों की रुचि और जेल प्रशासन के निर्णय पर समय अवधि बढ़ायी जाएगी।
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प्रदीप रघुनंदन यूपी के अलावा मध्यप्रदेश में पिछले 12 साल से कैदियों के स्वस्थ मनोरंजन और साहित्य लेखन की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके सुधार कार्यक्रमों की सराहना पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सराहना कर चुके हैं। जयपुर में उन्हें मानवाधिकार दिवस पर सम्मानित किया जा चुका है।
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हल्द्वानी। यूपी की कुछ जेलों की तर्ज पर अब हल्द्वानी उपकारागार में बंदियों के मनोरंजन के लिए जेल रेडियो खुलने जा रहा है। बंदियों की फरमाइश पर जेल प्रशासन उन्हें न सिर्फ रेडियो के गीत संगीत सुनाएगा बल्कि जेल समाचार भी सुनाए जाएंगे। यहां से बकायदा कैदियों और बंदियों को रेडियो जॉकी (आरजे) भी बनाया जाएगा। इसके लिए दस बंदियों का चयन किया गया है। इस रेडियो स्टेशन का उद्घाटन दस अक्तूबर से पहले होने की संभावना है।
जेल सुधारों पर कार्य कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप रघुनंदन ने इस मामले में उपकारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या से मुलाकात की थी। उन्होंने अधीक्षक को बताया था कि बंदियों के स्वस्थ मनोरंजन और मानसिक परिवर्तन के लिए जेल रेडियो बड़ा कदम हो सकता है। इसके बाद जेल रेडियो संचालन के लिए कारागार में एक स्टूडियो तैयार किया जा रहा है। यहां से पूरे रेडियो स्टेशन का नियंत्रण और प्रसारण होगा।
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रदेश की जेलों में यह पहला प्रयास होगा। यूपी और मध्य प्रदेश की कुछ जेलों में इस प्रकार का प्रयास चल रहा है। रेडियो जॉकी के लिए ध्रुव तिवारी, अमित राजपूत, रामजी सहित दस बंदियों का चयन किया गया है, जो गीत संगीत सुनाएंगे। कैदी अपनी फरमाइश कागज पर लिखकर जेल प्रशासन को देंगे। जेल रेडियो की अवधि दोपहर तीन से चार बजे तक की रहेगी। बाद में कैदियों की रुचि और जेल प्रशासन के निर्णय पर समय अवधि बढ़ायी जाएगी।
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प्रदीप रघुनंदन यूपी के अलावा मध्यप्रदेश में पिछले 12 साल से कैदियों के स्वस्थ मनोरंजन और साहित्य लेखन की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके सुधार कार्यक्रमों की सराहना पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सराहना कर चुके हैं। जयपुर में उन्हें मानवाधिकार दिवस पर सम्मानित किया जा चुका है।