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शहर में है तो टेंपो वालों का राज
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Sun, 30 Jul 2017 03:28 AM IST
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शहर में है तो टेंपो वालों का राज
- फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी में बिना परमिट और जरूरत से अधिक टेंपो के संचालन से यातायात व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। शहर के संकरे मार्ग वाहनों की बढ़ती संख्या का दबाव नहीं झेल पा रहे हैं। यातायात व्यवस्था के लिए मुसीबत बन रहे अवैध टेंपो संचालन से शहर के लोग परेशान हैं।
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यातायात व्यवस्था के सुधार के लिए प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ट्रैफिक पुलिस और सीपीयू की कार्रवाई सिर्फ हेलमेट अभियान तक ही सीमित रह गई है।
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प्रशासन और परिवहन विभाग भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर स्थायी रूप से अंकुश लगाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। टेंपो चालकों को पुलिस के संरक्षण के भी सवाल खड़े हो रहे हैं
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शहर में टेंपो की डग्गामारी के लिए चालकों के साथ-साथ पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं है। बिना परमिट दौड़ रहे टेंपो का रिकॉर्ड आरटीओ कार्यालय में दर्ज न होने के कारण चालकों में जरा भी डर नहीं है। पुलिस के संरक्षण से उनके हौसले और भी बढ़े हुए हैं। यही कारण है कि कोतवाली के बगल में होमगार्ड और पुलिस सिपाहियों की मिलीभगत से नो एंट्री के बैरियरों को खिसकाकर टेंपो घुस रहे हैं।
पुलिस-प्रशासन ने कोतवाली के बगल में स्टेडियम से सटी सड़क पर जाम की समस्या कम करने के लिए टेंपो के संचालन पर प्रतिबंध लगाया है। इस मार्ग पर दोनों तरफ से बैरियर लगाए गए हैं। रोडवेज बस अड्डे के सामने इस मार्ग पर दो-दो बैरियर लगाए गए हैं लेकिन काठगोदाम रूट के टेंपो चालक शार्टकट के चक्कर में यहां ड्यूटी देने वाले पुलिस कर्मियों और होमगार्ड से मिलीभगत कर बैरियर खिसकाकर इस मार्ग पर चल रहे हैं।
जबकि इन टेंपो के स्टैंड तक पहुंचने का रास्ता नैनीताल सहकारी बैंक से बगल से गुजरता है। लेकिन रोडवेज स्टेशन से सवारियां भरने में आसानी होने के कारण काठगोदाम रूट के टेंपो चालक कोतवाली और स्टेडियम के बगल वाले रास्ते में अवैध रूप से घुस रहे हैं। शनिवार को दिनभर टेंपो चालक बेखौफ होकर इस मार्ग पर लगाए गए बैरियर को हटाकर प्रवेश करते रहे।
रोडवेज परिसर में घुस जाते हैं टेंपो
टेंपो चालक सवारियां लेने के लिए रोडवेज स्टेशन परिसर में पहुंच रहे हैं, इससे वहां जाम लग रहा है। कई बार कुछ यात्री भी टेंपो की टक्कर से चोटिल हो जाते हैं। पहले से ही जाम की समस्या से जूझ रहे रोडवेज स्टेशन में टेंपो के जमावड़े से यात्री परेशान होते हैं।
पांच हजार जुर्माना, फिर भी चलते हैं बगैर परमिट
टेंपो के परमिट की फीस 2400 रुपये है जबकि बिना परमिट टेंपो संचालन करने पर 5000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इतनी बड़ी जुर्माना राशि होने के बावजूद टेंपो चालक बगैर परमिट टेंपो संचालन से बाज नहीं आ रहे हैं। शहर में टेंपो की नियमित चेकिंग न होने से इन टेंपो चालकों की मनमानी बढ़ती जा रही है।
दूसरे रूटों पर दौड़ते पकडे़ गए 17 टेंपो
परिवहन विभाग की चेकिंग अभियान में शनिवार को 17 टेंपो दूसरे रूटों पर संचालित होते पकड़े गए। चेकिंग के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन में 50 वाहनों के चालान काटे गए जबकि पांच वाहन सीज किए गए। अंतरसंभागीय ड्यूटी के तहत शनिवार को काशीपुर एआरटीओ अनीता चंद ने लालकुआं रोड, रामपुर रोड, काठगोदाम रोड और नैनीताल रोड पर अभियान चलाकर यह कार्रवाई की।
अनीता चंद ने बताया कि ओवरलोड, फिटनेस आदि में 18 ट्रक, तीन मैक्सी कैब, एक टैक्सी, पांच प्राइवेट बस समेत 37 वाहनों के चालान काटे गए। साथ ही बिना परमिट और बगैर कागजात में दो टेंपो, एक स्कूल बस, एक ट्रक और व्यावसायिक इस्तेमाल में एक कार सीज की।
कुछ तो असर दिखा
मंगलपड़ाव पुलिस चौकी से गौलापुल तक शुक्रवार को दिनभर पुलिस सिपाही गश्त करते रहे। टेंपो के अवैध संचालन पर उनकी नजर रही। शनिवार को इस मार्ग पर टेंपो नजर नहीं आए। गौलापार और कुंवरपुर क्षेत्र से चलने टेंपो गौलापुल से आगे नहीं आये। टेंपो के अवैध संचालन पर रोकथाम के लिए गौलापुल के दूसरे छोर पर शाम तक पुलिस कर्मी तैनात रहे।