{"_id":"661c64c62240268f960c9644","slug":"if-you-had-not-hid-in-the-forest-post-you-would-have-lost-your-life-haldwani-news-c-239-1-shld1036-102971-2024-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ramnagar: चौकी में नहीं छिपते वनकर्मी तो चली जाती जान...20 से अधिक फायर झोंके थे खनन माफिया ने, जानें मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ramnagar: चौकी में नहीं छिपते वनकर्मी तो चली जाती जान...20 से अधिक फायर झोंके थे खनन माफिया ने, जानें मामला
Mon, 15 Apr 2024 07:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Updated Mon, 15 Apr 2024 07:30 AM IST
विज्ञापन
ramnagar
- फोटो : अमर उजाला
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के रामनगर रेंज की गुलजारपुर वन चौकी में यदि वन कर्मी खुद को चौकी के अंदर नहीं बंद करते तो शायद किसी की जान चली जाती। पूरी रात वन कर्मियों ने दहशत में गुजारी। बाद में वन कर्मियों की टीम हरकत में आई। ऐसे में रविवार को वन कर्मियों की टीम ने कोसी नदी के सभी घाटों पर खाई खोद दी है और काशीपुर कोतवाली में तहरीर दी।
विज्ञापन
शनिवार दोपहर कोसी नदी के देवी घाट से वन कर्मियों की टीम ने बैक कराह पकड़ा था। रात 11:30 बजे गुलजारपुर चौकी पर दर्जनों लोग घुस गए थे। उन्होंने वन चौकी के बाहर फायरिंग कर दी थी। फायरिंग होते ही वन कर्मियों ने खुद को चौकी के अंदर बंद कर अपनी जान बचाई थी। बताया जा रहा है कि रात में दर्जनों लोगों ने 20 से अधिक फायर झोंके गए थे। रात 12 बजे डायल 112 पर फोन कर घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती आरोपी बैक कराह को लेकर चले गए थे। रामनगर रेंजर जेपी डिमरी ने बताया कि मौके पर खोखे बरामद हुए हैं और रविवार को कोसी नदी के सभी घाटों पर खाई खोद दी गई।
विज्ञापन
रात में वन चौकी पर ये वन कर्मी थे तैनात
रात में जब फायरिंग हो रही थी तब चौकी में वन दरोगा इमरान, तारिक हमीद, वन आरक्षी तेजपाल सिंह, दैनिक वाचर गुलशेर व दो अन्य मौजूद थे। उस वक्त उनके पास असलहा भी नहीं थे, क्योंकि शनिवार दोपहर की कार्यवाही के बाद वन कर्मियों ने अपने असलहा को जमा कर दिया था। यदि वह चौकी में खुद को बंद नहीं करते तो शायद किसी की जान चली जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि काशीपुर कोतवाली में तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने तहरीर रिसीव नहीं की।
विज्ञापन
शनिवार रात की घटना बेहद गंभीर है। पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। जबकि मैंने उधमसिंह नगर एसएसपी को फोन से घटना की जानकारी दी थी। वन कर्मियों की टीम आरोपियों को चिहिृत कर रही है और आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रकाश चंद्र आर्य, डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग