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वन विकास निगम कर्मियों से वसूली के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड वन विकास निगम के 75 कर्मचारियों को राहत देते हुए उनके वेतन/ग्रेच्युटी से की जारी रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि नियत की।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। वन निगम के 75 कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों के वेतन से यह कहते हुए कटौती के आदेश जारी किए थे कि उनको गलती से वेतन देने के दौरान अधिक भुगतान किया गया है। इन सभी 75 वन निगम कार्मिकों को 8700 ग्रेड पे पर सैलरी का भुगतान किया जा रहा था। एकाएक एक ऑडिट कराकर शासन और वन निगम की ओर से इन कर्मचारियों के ग्रेड पे को 6600 रुपये किया गया। एकलपीठ के आदेश की अवहेलना करते हुए इन कार्मिकों को न केवल कम वेतन दिया जाने लगा बल्कि पूर्व में दिए जा रहे 8700 ग्रेड वेतन की रिकवरी भी इनकी सैलरी/पेंशन से की जाने लगी। जिसे पूर्व में याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
इसके बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने फिर 20 मई 2019 को शासनादेश जारी कर कर्मचारियों से रिकवरी के आदेश दे दिए, जिसे वन निगम के कर्मचारियों ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस तरह की रिकवरी को अवैध मानते हुए सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और वन निगम को निर्देशित किया की वह ग्रेड पे 8700 के अनुरूप वन निगम के इन 75 कार्मिकों को वेतन और पेंशन का भुगतान करना सुनिश्चित करे।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। वन निगम के 75 कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों के वेतन से यह कहते हुए कटौती के आदेश जारी किए थे कि उनको गलती से वेतन देने के दौरान अधिक भुगतान किया गया है। इन सभी 75 वन निगम कार्मिकों को 8700 ग्रेड पे पर सैलरी का भुगतान किया जा रहा था। एकाएक एक ऑडिट कराकर शासन और वन निगम की ओर से इन कर्मचारियों के ग्रेड पे को 6600 रुपये किया गया। एकलपीठ के आदेश की अवहेलना करते हुए इन कार्मिकों को न केवल कम वेतन दिया जाने लगा बल्कि पूर्व में दिए जा रहे 8700 ग्रेड वेतन की रिकवरी भी इनकी सैलरी/पेंशन से की जाने लगी। जिसे पूर्व में याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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इसके बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने फिर 20 मई 2019 को शासनादेश जारी कर कर्मचारियों से रिकवरी के आदेश दे दिए, जिसे वन निगम के कर्मचारियों ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस तरह की रिकवरी को अवैध मानते हुए सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और वन निगम को निर्देशित किया की वह ग्रेड पे 8700 के अनुरूप वन निगम के इन 75 कार्मिकों को वेतन और पेंशन का भुगतान करना सुनिश्चित करे।
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