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नगर आयुक्त का उत्तराखंड हाईकोर्ट में जवाब: बोले- लावारिस पशुओं को रखने के लिए नहीं है जगह
Tue, 19 Dec 2023 09:47 AM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Tue, 19 Dec 2023 09:47 AM IST
सार
उत्तराखंड हाईकोर्ट में सड़कों पर छोड़े गए आवारा पशुओं के मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट में मुख्य नगर आयुक्त ने कहा कि आवारा पशुओं को रखने की जगह नहीं है। निजी गोशालाओं में भी अब जगह नहीं बची।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हल्द्वानी सहित प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर पशुओं को लावारिस छोड़े जाने के मामले में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ में हल्द्वानी निवासी अधिवक्ता डॉ. चंद्रशेखर जोशी की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
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इस दौरान मुख्य नगर आयुक्त हल्द्वानी कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने बताया कि हर दिन पांच-छह लावारिस पशुओं को पकड़ा जा रहा है। 2019 में इनकी संख्या 600 से अधिक थी, जो अब बढ़ गई है जिसके चलते अब इन्हें रखने की जगह नहीं है। निजी गोशालाओं में भी अब जगह नही बची। कोर्ट ने इस मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रखी है।
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