{"_id":"617324f039b1180c3a38211d","slug":"forgot-administration-by-landing-sdrf-ndrf-in-sakuna-haldwani-news-hld4422757193","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीआरएफ, एनडीआरएफ को सकुना में उतारकर भूला प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ को सकुना में उतारकर भूला प्रशासन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सकुना (नैनीताल)। जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम को हेलीकॉप्टर से सकुना में उतार तो दिया लेकिन प्रशासन उनके भोजन की व्यवस्था करना ही भूल गया। तीन दिनों से ग्रामीण ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को खाना खिला रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन अपने ही लोगों की मदद नहीं कर पा रहा है। हालांकि जिलाधिकारी का कहना है कि उन्होंने ही ग्रामीणों से राहत दल को भोजन उपलब्ध कराने को कहा है, इसका भुगतान ग्रामीणों को कर दिया जाएगा।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एलआईयू के जवान ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें 20 अक्तूबर को सकुना में एयर ड्राप किया था। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें खाना तक उपलब्ध नहीं कराया। ग्रामीण उन्हें खाना खिला रहे हैं। प्रशासन की ओर से जरूरी मदद भी उन्हें नहीं मिल पा रही है। सकुना निवासी कृष्णा नंद शास्त्री ने बताया कि तीन दिनों से वह ही एनडीआरएफ के जवानों को खाना खिला रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई मदद अभी तक नहीं मिली है। प्रशासन ने उनसे संपर्क तक नहीं किया है।
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि ग्रामीणों को खाना खिलाने के लिए कहा गया है। साथ ही ग्रामीणों से इसका बिल देने के लिए भी कहा गया है। जिला प्रशासन इसका भुगतान करेगा।
विज्ञापन
पैर भी सड़ गया, दवाएं तक नहीं मिलीं
सकुना। 19 अक्तूबर सुबह करीब पांच बजे नेपाल का मजदूर राजन साहा घायल हो गया था। उसके साथी मलबे में दब गए। ग्रामीण उसे चार दिन से खाना और पानी दे रहे हैं। तीन दिन से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ भी मौके पर है लेकिन घायल को दवा तक उपलब्ध नहीं हो पाई। उसका पैर सड़ने लगा है। सकुना पहुंची अमर उजाला की टीम ने डीएम को इसकी सूचना दी तो उसे एयर लिफ्ट का पंतनगर एयरपोर्ट लाया गया। सकुना निवासी कृष्णा नंद शास्त्री ने बताया कि पास में डॉक्टर की दुकान थी। उससे ही कुछ दवा मजदूर को दी गई।
विज्ञापन
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एलआईयू के जवान ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें 20 अक्तूबर को सकुना में एयर ड्राप किया था। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें खाना तक उपलब्ध नहीं कराया। ग्रामीण उन्हें खाना खिला रहे हैं। प्रशासन की ओर से जरूरी मदद भी उन्हें नहीं मिल पा रही है। सकुना निवासी कृष्णा नंद शास्त्री ने बताया कि तीन दिनों से वह ही एनडीआरएफ के जवानों को खाना खिला रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई मदद अभी तक नहीं मिली है। प्रशासन ने उनसे संपर्क तक नहीं किया है।
विज्ञापन
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि ग्रामीणों को खाना खिलाने के लिए कहा गया है। साथ ही ग्रामीणों से इसका बिल देने के लिए भी कहा गया है। जिला प्रशासन इसका भुगतान करेगा।
विज्ञापन
पैर भी सड़ गया, दवाएं तक नहीं मिलीं
सकुना। 19 अक्तूबर सुबह करीब पांच बजे नेपाल का मजदूर राजन साहा घायल हो गया था। उसके साथी मलबे में दब गए। ग्रामीण उसे चार दिन से खाना और पानी दे रहे हैं। तीन दिन से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ भी मौके पर है लेकिन घायल को दवा तक उपलब्ध नहीं हो पाई। उसका पैर सड़ने लगा है। सकुना पहुंची अमर उजाला की टीम ने डीएम को इसकी सूचना दी तो उसे एयर लिफ्ट का पंतनगर एयरपोर्ट लाया गया। सकुना निवासी कृष्णा नंद शास्त्री ने बताया कि पास में डॉक्टर की दुकान थी। उससे ही कुछ दवा मजदूर को दी गई।