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डीएम और एसएसपी कोर्ट में हुए पेश
ब्यूराे/अमर उजाला, नैनीताल।
Updated Thu, 28 Apr 2016 01:03 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में डीएम दीपक रावत, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल और एलडीए सचिव सीएस मर्तोलिया व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। कोर्ट को बताया कि उन्होंने ट्रैफिक समस्या को देखते हुए कई नियम बनाए हैं। जैसे- नैनीताल का ट्रैफिक वन वे कर दिया है।
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भवाली से आने वाली बसें पाइंस में रुकें गी तथा रूसी बाईपास से जाएंगी। कोर्ट ने पर्यटन सीजन में ट्रैफिक समस्या के मद्देनजर डीआईजी, डीएम व एसएसपी को विस्तृत शपथपत्र 9 मई तक पेश करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में हाईकोर्ट ने नैनीताल में सीजन को देखते हुए डीएम व एसएसपी को ट्रैफिक प्लान कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे।
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नैनीताल निवासी प्रो. अजय रावत की ओर से नैनीताल में अवैध निर्माण व उसके सौंदर्यीकरण के संबंध में दायर गई जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के अधिवक्ता सीके शर्मा ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में नैनीताल झील के चारों ओर डेल्टा को हटाने के निर्देश हाईकोर्ट ने दिए थे। इस संबंध में एलडीए के अधिवक्ता की ओर से बताया गया था कि पीडब्लूडी को दस लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।
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शर्मा ने बताया कि उसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कुछ ही दिन ही कार्य किया गया, अब कोई कार्य नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झील की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कार्य को अतिशीघ्र करना चाहिए। इस संबंध में डीएम ने कहा कि झील की सफाई के लिए 65 लाख रुपये की जरूरत है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
नैनीताल के जोन वन व जोन टू में हुए अवैध निर्माण व वहां पर रह रहे लोगों के विस्थापन के संबंध में पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज तिवारी शासन की ओर से पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से 11 अप्रैल के आदेश को रिकाल करने की प्रार्थना की थी, जिसमें कोर्ट ने आदेश पारित कर जोन वन व जोन टू में ध्वस्तीकरण के आदेश पर लगी रोक को हटा दिया था। उस पर कोर्ट ने कोई आदेश पारित नहीं किया।
कोर्ट ने घोडे़ चालकों के संबंध में कहा कि जिनके पास लाइसेंस हैं, वे ही घोडे़ संचालित करें।