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Uk: इंजीनियरों की हड़ताल से ठप पड़े विकास कार्य, ठेकेदारों ने भी रोका काम; करोड़ों की परियोजनाएं प्रभावित

Sat, 04 Apr 2026 10:44 AM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Sat, 04 Apr 2026 10:44 AM IST
सार

इंजीनियरों की हड़ताल और भुगतान संकट के चलते ठेकेदारों ने काम रोक दिया। करोड़ों की परियोजनाएं प्रभावित होकर विकास कार्य ठप पड़ गए हैं।

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Development work stalled due to engineers' strike
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

इंजीनियरों की हड़ताल में जाने के बाद सरकारी ठेकेदारों ने भी काम ठप कर दिया है। भुगतान लटकने के कारण ठेकेदार पहले से ही परेशान हैं। जहां काम चल रहे हैं वहां सुपरविजन करने वाला कोई नहीं। ऐसे में विकास कार्याें की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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हड़ताल के कारण जमरानी बांध परियोजना से लेकर पुल और सड़कों का काम धीमा हो गया है। तमाम स्थानों पर सड़कें न बनने से रोजाना 50 से 60 हजार लोगों को आवाजाही में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। स्थिति यह हो गई है कि यूयूएसडीए में संविदा अभियंताओं से काम चल रहा है लेकिन पीडब्ल्यूडी की सड़कों को इंजीनियरों का इंतजार है। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले लोनिवि कुमाऊं के लोनिवि, सिंचाई, जल संस्थान, पेयजल निगम, आरडब्ल्यूडी, विकास प्राधिकरण, यूयूएसडीए आदि विभागों के 1100 अभियंता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

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पुल में बंधा है जाल, जांचने वाला कोई नहीं
लोनिवि की ओर से करीब तीन करोड़ की लागत से चकलुवा के पास पुल बनाया जा रहा है। बताया गया कि इसका लोहे का जाल तैयार है लेकिन हड़ताल से काम रुका हुआ है। एई और जेई के निरीक्षण के बाद ही यह काम पूरा हो पाएगा। बरसात से पहले इससे बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

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करोड़ों की योजना राम भरोसे
पेयजल निगम की ओर से 154 करोड़ की लागत से तीन फिल्टर प्लांटों का निर्माण करने के साथ ही लाइनें बिछाई जा रही हैं। इसका टेंडर करीब तीन महीने पहले हो चुका है। सुभाषनगर और इंदिरानगर में भी सीवरेज कार्य चल रहा है जिसके बाद सड़कों पर काम होना है। विभाग के 12 एई और जेई हड़ताल पर हैं।

सड़कों का पुनर्निर्माण लटका
लोनिवि की सड़कों को अब गति मिलने का समय मिला ही था कि इंजीनियरों की हड़ताल से काम ठप हो गया है। पनियाली में सड़क हॉटमिक्स, बनभूलपुरा, सुभाषनगर, दमुवाढूंगा समेत हल्द्वानी, कालाढूंगी और लालकुआं विधानसभा की सड़कों का काम भी प्रभावित हो गया है। यूयूएसडीए की ओर से शहर में 1400 करोड़ से अधिक के सीवरेज और पेयजल संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। नगर निगम के वार्ड-34 से लेकर 60 तक 350 किमी की सड़कों पर लाइनें डालने का काम किया जा रहा है। इनमें आधी के आसपास ही बन पाई हैं। नैनीताल रोड और कालाढूंगी रोड का चौड़ीकरण भी कछुआ गति से चल रहा है।

अधिकतर इंजीनियर हड़ताल पर हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हड़ताल खत्म हो तो सड़कों का पुनर्निर्माण तेजी से कराया जा सके। - प्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि

यूयूएसडीए के कार्याें की मॉनिटरिंग के लिए टाटा कंसलटेंसी इंजीनियरिंग की टीम तैनात है। अधिकतर जेई संविदा पर तैनात हैं। बिटुमेन और सीसी सड़कों का काम लगातार जारी है। -कुलदीप सिंह, परियोजना प्रबंधक, यूयूएसडीए

इंजीनियरों की हड़ताल से काम की गति कम हुई है, जहां भी काम हो रहा है वही साइटों का दौरा कर रहे हैं।-एके कटारिया, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम

इंजीनियरों के हड़ताल पर रहने से साइट पर काम करने में दिक्कतें हो रही हैं, जो काम पर हैं वही सब देख रहे हैं।-ललित कुमार, डीजीएम, जमरानी बांध परियोजना

एई-जेई के बगैर काम कराना संभव नहीं है, मार्च क्लोजिंग के साथ ही पूर्व में किए कार्याें का भुगतान लटका है। अधिकतर काम भी बंद पड़े हैं।-पंकज बजेठा, कांट्रेक्टर लोनिवि

भुगतान की दिक्कत हो रही है, गैस की स्थिति और डामर महंगा होने से भी काम करने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। केवल जरूरी कार्य किए जा रहे हैं।-योगेश तिवारी, अध्यक्ष कांट्रेक्टर वेलफेयर सोसायटी

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