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Nainital News: डीडीए के बिगड़े नक्शे कदम...सही करने का जिम्मा दायित्वधारियों को

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 13 May 2025 02:16 AM IST
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DDA's plans are messed up...responsibility of correcting them lies with the responsible people
नैनीताल जिले में जिला विकास प्राधिकरण का नक्शा इस वक्त आरोपों की मार से बिलकुल बिगड़ा हुआ है। विपक्ष तक तो ठीक, सरकार के लोग ही प्राधिकरण के नक्शे-कदम पर सवाल उठा रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोप इतने गंभीर कि मेयर ने पिछले दिनों एक बैठक में ही कह दिया ...यहां तो एक दो लाख भी खुलेआम मांगे जा रहे...। हैरत यह कि डीडीए पर आरोपों के बाउंसर पहले सत्ता पक्ष की तरफ से ही आए। विपक्ष ने तुरंत मौका लपका और डीडीए के खिलाफ गुगली डालनी शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी रविवार को कह दिया, ...आपके लोग ही अंगुली उठा रहे हैं, डीडीए भ्रष्ट है, हम तो कह ही रहे हैं कि यहां सब कुछ गड़बड़ है...इन्हें भंग करें। अब सरकार को फील्डिंग लगानी थी डीडीए के बचाव में। तो इसका दायित्व दिया गया दायित्वधारियों को। बयानों की बौछार से गर्मी के माहौल में कोशिश गलत नक्शा ठीक करने की है, ताकि मामला ठंडा पड़े। नक्शा पास करने वाले डीडीए को फेल बताने की काट बयानों से की जा रही है। इसके लिए दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी और शंकर कोरंगा प्राधिकरण की ढाल बनकर सामने आए। डीडीए भ्रष्ट है...के जवाब में दायित्वधारियों ने प्राधिकरण के बचाव की पूरी कोशिश की।
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1064 नंबर पर कॉल करें नेता प्रतिपक्ष, तुरंत होगी कार्रवाई: डब्बू

हल्द्वानी। उत्तराखंड मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू और महिला उद्यमिता विकास की अध्यक्ष रेनू अधिकारी ने प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के प्राधिकरण पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को बेबुनियाद और उनकी बौखलाहट बताया। कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पास कोई मामला है तो उसकी शिकायत 1064 पर करें, सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी। पुराने प्राधिकरण एवं विनियमित क्षेत्र को छोड़ डीडीए में नए शामिल क्षेत्र में मानचित्र की प्रक्रिया स्थगित करने का आदेश मुख्यमंत्री ने पहले ही दे दिया था। नेता प्रतिपक्ष ने यह बयान उन भू-माफियाओं के दबाव में दिया है जो नजूल और संपत्ति सरकारी पर अवैध कॉलोनी बना रहे हैं। उनके खिलाफ धामी सरकार कठोर कदम उठा रही है। दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा भ्रष्टाचार में लिप्त रही है। उनके पूर्व मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार की बात करते हुए कैमरे में भी कैद हो चुके हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक ने गुंडागर्दी के दम पर जो संपत्ति कब्जा कर रखी थी उसे भी आज सरकार ने छुड़वा दिया है। अभी तक डेढ़ सौ से अधिक भ्रष्टाचारी जेल जा चुके हैं। जनता में धामी सरकार की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर विपक्ष के नेता अनर्गल आरोप लगा रहे है। अगर उनके पास कोई प्रकरण है तो वह खुद मुख्यमंत्री को बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अनर्गल आरोपों की जगह प्रदेश हित में सकारात्मक बात करेंगे तो जनता में उनका सम्मान बढ़ेगा। संवाद
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सबूत जांच एजेंसियों को सौंपें: कोरंगा

हल्द्वानी। भाजपा सरकार के दायित्वधारी शंकर कोरंगा ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल के आरोपों को निराधार, राजनीति से प्रेरित और भ्रामक बताया। एक बयान में कोरंगा ने कहा कि प्राधिकरण एक संवैधानिक संस्था है, जो तय मानक, नियमों के अनुरूप कार्य करती है। कोई शिकायत मिलने पर गंभीरता से जांच कर कार्रवाई होती है। कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों को सौंपा जाए। सार्वजनिक मंचों से झूठे आरोप लगाकर संस्थाओं की साख को धूमिल करने का कृत्य बिलकुल गलत है। माई सिटी रिपोर्टर
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वसूली का केंद्र बने प्राधिकरणों को भंग करे सरकार : आर्य

नैनीताल। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास प्राधिकरण वसूली का केंद्र बनकर रह गए हैं। उन्होंने सरकार से जिला विकास प्राधिकरणों को भंग करने की मांग की। यहां जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरणों को शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के भवन के नक्शे आसानी से पास हो सके, इसलिए बनागा गया। लेकिन प्राधिकरण ने नक्शा पास करने की प्रक्रिया को जटिल बनाकर लोगों को परेशान कर दिया है। छोटे दुकानदारों, बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों के छोटे-छोटे निर्माण कार्यों को बिना वजह सील किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष बोले कि हाल ही में भाजपा जनप्रतिनिधि ने भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि मकान के नक्शे पास करने के एवज में अधिकारी दो-दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले नगर पालिका में नक्शे पास किए जाते थे, जिससे भवन निर्माण की प्रक्रिया स्थानीय लोगों के लिए कहीं अधिक सुगम थी। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यप्रणाली में प्राधिकरणों का कोई औचित्य नहीं रह जाता, लिहाजा उन्हें भंग किया जाना चाहिए।

डीडीए के खिलाफ गजराज की गर्जना
हल्द्वानी। तीन मई को हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद अजय भट्ट के सामने मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने प्राधिकरण को खूब खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने अपनी ही सरकार के अफसरों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप मढ़ दिए। बैठक के दौरान प्राधिकरण की बात हुई तो अचानक गजराज गरजते हुए बोले, मजदूरी करती है महिला, उससे कहा जाता है...एक लाख रुपये दो, दो लाख रुपये दो, ये प्राधिकरण का हाल है। लोग इतना परेशान हैं-इतना परेशान हैं कि हमारे यहां आकर रोते हैंं और कहते हैं कि साहब हमें बता दें कि क्या करें हम। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। गजराज कहते हैं कि शहर में मानक के विपरीत कईं इमारतें हैं लेकिन जब बेरोजगार दुकान बनाता है तो प्राधिकरण की टीम सील करके चली जाती है। कुछ दुकानों को सील किए दो साल हो गए। वह परेशान भटक रहे हैं, कहीं सुनवाई नहीं हो रही।


अधिकारी भी उतरे थे बचाव में
हल्द्वानी। पिछले दिनों मेयर के लगाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों के बाद जिला विकास प्राधिकरण के संयुक्त सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सफाई दी। उन्होंने हल्द्वानी में हाल ही में हुए 33 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य गिनाए।
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