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डाक्टर के भेष में सक्रिय है लुटेरा
अरविंद उपाध्याय/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 14 May 2015 01:38 AM IST
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कुमाऊं के चार सरकारी अस्पतालों में पिछले आठ माह में छह महिलाओं को लूटने वाले शातिर बदमाश को अब तक एसओजी की टीम पकड़ नहीं पाई है। जबकि यह मास्टरमाइंड बदमाश अस्पतालों के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो चुका है। उम्र और वारदात को अंजाम देने के तरीके से माना जा रहा है कि रामनगर के अस्पताल में पिछले दिनों फर्जी डाक्टर बनकर और एसटीएच हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर के अस्पतालों का कर्मचारी बनकर उम्रदराज महिलाओं को लूटने वाला एक ही है। वारदात के तरीके से लगता है कि कहीं न कहीं उसकी पृष्ठभूमि मेडिकल पेशे से है और वह यह भी जानता है कि इंजेक्शन देने के बाद नशे का असर कितनी देर तक रहेगा।
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रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में फर्जी डाक्टर बनकर चंद्रकला को बेहोश कर लूटने वाला तीन दिनों बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। ऐसी ही घटना पिछले साल सितंबर में रुद्रपुर अस्पताल में हुई थी, उसके बाद सुशीला तिवारी अस्पताल में आठ सितंबर को लूट हुई। यह नहीं काशीपुर के अस्पताल में भी इसी तरह की वारदात हुई। रामनगर को छोड़कर बाकी तीनों वारदात में कर्मचारी बनकर बदमाश ने महिलाओं के जेवरात और रकम लूटी थी। सभी अस्पतालों के सीसीटीवी कैमरे में करीब 30-35 वर्ष का यह बदमाश कैद हुआ। फिर भी एसओजी की टीम इस शातिर को अब तक पकड़ने में विफल रही है।
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एसटीएच में तीन महिलाएं इस तरह हुई थीं शिकार
आठ सितंबर 2014 को रामपुर जिले के बादली टांडा निवासी नबी अहमद की पत्नी नूरजहां (62) अपने पड़ोसी रियासत अली की पत्नी तोहफा का इलाज कराने के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल आई थी। इस बीच बदमाश ने झांसा दिया कि वह अस्पताल का कर्मचारी है। तोहफा प्यास लगने के कारण पानी लेने के लिए चली गई। इस बीच बदमाश ने नूरजहां से कहा कि आंख का डाक्टर उसका परिचित है। महिला बदमाश के साथ इलाज कराने के लिए चली गई। एमआरआई वार्ड के बाहर बदमाश ने उसे नशीला पदार्थ सूंघाकर अचेत कर दिया और उसके कान के कुंडल, चेन और पर्स लेकर फरार हो गया। इसी प्रकार रामपुर मनवासी निवासी हाजी साबिर हुसैन की पत्नी शाहजहां (60) को मानसिक वार्ड के बाहर बदमाश मिला। वह अपनी बेटी नूरजहां का इलाज कराने के लिए आई थी। बेटी जब डाक्टर के पास गई तो बदमाश ने उसे भी आंख का इलाज कराने के नाम पर आई वार्ड के सामने बेहोश कर दिया। उसके भी कुंडल, चेन और पर्स में रखे 3800 रुपए निकाल लिए। इसी प्रकार बदमाश ने तीसरी महिला के रूप में मुरादाबाद जिले के उस्मानपुर ठाकुरद्वारा की सरोजबाला (65) को निशाना बनाया।
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बदमाश के निशाने पर उम्रदराज महिलाएं
यह बदमाश उम्रदराज महिलाओं को ही अपना शिकार बनाता है। झांसा देकर एकांत स्थान पर ले जाता है। इंजेक्शन या नशीले पदार्थ से मरीज या तीमारदार को बेहोश करता है। जेवरात और पैसा लूटने के बाद आराम से निकल जाता है।
महिलाओं को बेहोश कर जेवरात लूटने वाले अपराधी को पकड़ने के लिए नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के पुलिस अधीक्षकों से बातचीत कर एक टीम गठित की जाएगी। किसी कीमत पर अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे
- पीएस सैलाल डीआईजी कुमाऊं रेंज