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गौला नदी किनारे बसे गांव के लिए पुल नहीं बनाने के मामले में सरकार से जवाब तलब
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Wooden gavel and books on wooden table, law concept
- फोटो : Court-00000.jpg
नैनीताल। हाईकोर्ट ने हैड़ाखान हल्द्वानी में गौला नदी के किनारे बसे पस्तोला और उड़वा गांव के लिए अभी तक पुल नहीं बनाए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी निवासी गुरविंदर सिंह चड्ढा मेमोरियल फाउंडेशन के सदस्य गगनदीप सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड बने 21 वर्ष हो गए हैं लेकिन हैड़ाखान गौला नदी के पास बसे दो गांव उड़वा व पस्तोला को अभी तक पुल की सुविधा नहीं मिल पाई है।
इन दोनों गांवों का मुख्य बाजार हल्द्वानी है जबकि बच्चों का स्कूल हैड़ाखान है। बच्चों को रोज स्कूल जाने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बच्चे अपने साथ दो जोड़ी कपड़े लाते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इस गांव की दूरी हल्द्वानी से 34 किलोमीटर है।
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बरसात में जब नदी उफान पर होता है तो लोगों को 80 किलोमीटर घूमकर आना पड़ता है। नदी पर पुल बनाने के लिए कई बार सर्वे हो चुके हैं लेकिन स्थिति वैसी ही है। पूर्व में यहां झूला पुल भी स्वीकृत हुआ था जो अभी तक नहीं बना है।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी निवासी गुरविंदर सिंह चड्ढा मेमोरियल फाउंडेशन के सदस्य गगनदीप सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड बने 21 वर्ष हो गए हैं लेकिन हैड़ाखान गौला नदी के पास बसे दो गांव उड़वा व पस्तोला को अभी तक पुल की सुविधा नहीं मिल पाई है।
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इन दोनों गांवों का मुख्य बाजार हल्द्वानी है जबकि बच्चों का स्कूल हैड़ाखान है। बच्चों को रोज स्कूल जाने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बच्चे अपने साथ दो जोड़ी कपड़े लाते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इस गांव की दूरी हल्द्वानी से 34 किलोमीटर है।
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बरसात में जब नदी उफान पर होता है तो लोगों को 80 किलोमीटर घूमकर आना पड़ता है। नदी पर पुल बनाने के लिए कई बार सर्वे हो चुके हैं लेकिन स्थिति वैसी ही है। पूर्व में यहां झूला पुल भी स्वीकृत हुआ था जो अभी तक नहीं बना है।