Uttarakhand: जिगर के टुकड़ों को पढ़ने भेजा था...अव्यवस्थाओं से लड़ने नहीं, छात्रावास में दुश्वारियों का वास
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर 106 बच्चों ने पलायन कर लिया है। अव्यवस्थाओं का यह सिलसिला बीते कई वर्षों से चल रहा है, जो इस वर्ष अपने चरम पर है।
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नैनीताल जिले के कोटाबाग स्थापित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में चयन होने के बाद बच्चों की बेहतर पढ़ाई की टेंशन खत्म हो गई थी। अपने जिगर के टुकड़ों के बेहतर भविष्य की खुशी लेकिन नजरों से दूर भेजने की स्थिति में पढ़ने के लिए भेजा था पर किसे पता था बच्चों को गंदगी और अव्यवस्थाओं से लड़कर दुर्दिन देखने पड़ेंगे। बच्चों की पीड़ा का पता चलने पर रहा नहीं गया और उन्हें यहां से ले जाने का मन बना लिया। यह कहना था छात्रावास से बच्चों को लेने पहुंचे अधिकतर अभिभावकों का।
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर 106 बच्चों ने पलायन कर लिया है। अव्यवस्थाओं का यह सिलसिला बीते कई वर्षों से चल रहा है, जो इस वर्ष अपने चरम पर है। विद्यालय में अध्ययन रात 350 छात्राओं के लिए स्वीकृत 130 शौचायलयों का जिम्मा सिर्फ एक स्वच्छक पर निर्भर है वर्तमान परिस्थितियों में विद्यालय में प्रधानाचार्य की कोई नियमित नियुक्ति नहीं है। विद्यालय में बच्चों की देखरेख के लिए कोई वार्डन की नियुक्ति नहीं की गई है। विद्यालय के कई शिक्षक हल्द्वानी से अप-डाउन कर रहे हैं, और रात को विद्यालय परिसर में रुकने को तैयार नहीं है। इससे अव्यवस्थाएं और अधिक बढ़ रही हैं। और बच्चों में डर भी पैदा हो रहा है जिस कारण बच्चों ने विद्यालय छोड़ने का मन बना लिया।
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शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष नवीन चंद्र भट्ट ने बताया कि सर्वप्रथम विद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पद बीते 6 वर्षों से रिक्त हैं। कई शिक्षक घर से अप-डाउन कर रहे हैं, जबकि आवासीय विद्यालयों के नियमानुसार सभी शिक्षकों को विद्यालय परिसर में ही रुकना चाहिए। विद्यालय में ना तो कोई वार्डन है और ना ही कोई स्वच्छक। स्वच्छक ना होने के कारण पूरे विद्यालय परिसर में बच्चे खुद साफ सफाई का काम करते हैं। इसके अतिरिक्त बीते कुछ दिनों से रात को महिला शिक्षकों के घर चले जाने के बाद, वार्डन के अभाव में बच्चों को अकेले रात गुजारनी पड़ी। इससे बच्चों में असुरक्षा की भावना है। इसलिए बच्चों ने स्कूल छोड़ने का मन बना लिया
हरीश चंद्र बिनवाल, प्रधानाचार्य राजीव गांधी नवोदय विद्यालय कोटाबाग
विद्यालय में शिक्षणेत्तर (स्वच्छक, मेट्रन व लिपिक) कर्मचारियों के अभाव को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। पीआरडी से एक अन्य महिला कर्मचारी की नियुक्ति भी की जा रही है। इसके साथ-साथ सभी शिक्षकों को रात के समय विद्यालय परिसर में ही अनिवार्य रूप से ठहरने को लेकर आदेशित कर दिया गया है।