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CBSC Board: बोर्ड परीक्षाफल से संतुष्ट नहीं तो सेकेंड बोर्ड की व्यवस्था लागू, मई में होंगी परीक्षाएं
Thu, 16 Apr 2026 10:49 AM IST
गायत्री जोशी
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Thu, 16 Apr 2026 10:49 AM IST
सार
सीबीएसई ने इस साल से सेकेंड बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था लागू की है जिससे छात्रों को एक ही सत्र में दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
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Exam
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में यदि कोई छात्र-छात्रा अपने परीक्षाफल से संतुष्ट नहीं है तो वह बोर्ड की ओर से इस बार से शुरू की गई सेकेंड बोर्ड या दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकता है। बोर्ड ने इसके लिए परीक्षाफल घोषित करने से पहले से ही न केवल तैयारियां कर ली थी बल्कि बोर्ड परीक्षार्थियों से इस संबंध में आवेदन भी करा लिए थे। सेकेंड बोर्ड मई में होंगे।
सीबीएसई की स्थानीय कोऑर्डिनेटर मंजू जोशी ने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों को एक ही शैक्षणिक वर्ष में बोर्ड परीक्षा में दोबारा बैठने का अवसर देती है। यह - मुख्य रूप से उनके अंकों में सुधार करने या अनुत्तीर्ण विषयों को पास करने के लिए होती है। यह नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत विद्यार्थियों को बिना साल बर्बाद किए अपना प्रदर्शन सुधारने का मौका देती है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की मुख्य परीक्षा और सेकेंड बोर्ड, जिसमें विद्यार्थी के बेहतर अंक आएंगे उन्हें ही अंतिम अंक माना जाएगा।
उन्होंने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा वही छात्र-छात्राएं दे सकते हैं जो कम से कम तीन विषयों में पास हों।
मंजू जोशी ने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा के लिए बोर्ड ने पहले से ही बच्चों से आवेदन करा लिए हैं। लिस्ट आफ कंडीडेट्स (एलओसी) तैयार करा ली गई है। बताया कि सेकेंड बोर्ड के लिए आवेदन कर चुके परीक्षार्थी यदि अपने परीक्षाफल से संतुष्ट हैं तो वह पूर्व में किए गए आवेदन को निरस्त करा सकते हैं।
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सीबीएसई की स्थानीय कोऑर्डिनेटर मंजू जोशी ने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों को एक ही शैक्षणिक वर्ष में बोर्ड परीक्षा में दोबारा बैठने का अवसर देती है। यह - मुख्य रूप से उनके अंकों में सुधार करने या अनुत्तीर्ण विषयों को पास करने के लिए होती है। यह नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत विद्यार्थियों को बिना साल बर्बाद किए अपना प्रदर्शन सुधारने का मौका देती है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की मुख्य परीक्षा और सेकेंड बोर्ड, जिसमें विद्यार्थी के बेहतर अंक आएंगे उन्हें ही अंतिम अंक माना जाएगा।
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उन्होंने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा वही छात्र-छात्राएं दे सकते हैं जो कम से कम तीन विषयों में पास हों।
मंजू जोशी ने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा के लिए बोर्ड ने पहले से ही बच्चों से आवेदन करा लिए हैं। लिस्ट आफ कंडीडेट्स (एलओसी) तैयार करा ली गई है। बताया कि सेकेंड बोर्ड के लिए आवेदन कर चुके परीक्षार्थी यदि अपने परीक्षाफल से संतुष्ट हैं तो वह पूर्व में किए गए आवेदन को निरस्त करा सकते हैं।
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