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Nainital News: निरीक्षण में पकड़ा सफाई का सफेद झूठ

Tue, 04 Aug 2026 02:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Tue, 04 Aug 2026 02:13 AM IST
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Blatant lie about cleanliness exposed during inspection
वार्ड-21 बनभूूलपुरा में पार्षद के घर पर लगी बायोमेट्रिक, जो लगाने के बाद से ही खराब पड़ी है। सं
हल्द्वानी। नगर निगम की सफाई व्यवस्था के दावों की हकीकत सोमवार को औचक निरीक्षण में सामने आ गई। शिकायतों के बाद की गई जांच के दौरान नौ पर्यावरण मित्रों की तैनाती वाले वार्ड-56 (रामपुर रोड) में मौके पर महज दो-तीन कर्मचारी ही सफाई कार्य करते मिले। जांच में अधिकतर कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई।
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शहरवासियों और पार्षदों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों में कहा जा रहा था कि कई वार्डों में पर्यावरण मित्र नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसका असर सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में नालियों की सफाई समय पर नहीं हो रही, जबकि सड़कों पर पड़ा कचरा लंबे समय तक नहीं उठाया जाता। नियमित झाड़ू नहीं लगने से गंदगी बढ़ रही है और इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
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शिकायतों के सत्यापन के लिए नगर निगम के सफाई निरीक्षक अंकुर ने वार्ड-56 में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान नौ तैनात कर्मचारियों में से केवल दो-तीन ही मौके पर कार्य करते मिले। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इसी तरह की शिकायतें अन्य वार्डों से भी प्राप्त हुई हैं जिनकी जांच कराई जा रही है।
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पार्षद ने नगर आयुक्त से की शिकायत
वार्ड-56 की पार्षद भगीरथी देवी ने सोमवार को नगर निगम पहुंचकर नगर आयुक्त परितोष वर्मा से क्षेत्र की बदहाल सफाई व्यवस्था की शिकायत की। उन्होंने कहा कि पर्याप्त कर्मचारी तैनात होने के बावजूद वार्ड में नियमित सफाई नहीं हो रही है जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
60 में से 11 वार्डों में बायोमेट्रिक व्यवस्था ठप
सफाई कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने पहले बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का निर्णय लिया था। योजना के तहत मशीनें पार्षदों के घरों के बाहर स्थापित की जानी थीं लेकिन 60 में से 11 वार्डों में या तो मशीनें खराब पड़ी हैं या अभी तक लगाई ही नहीं गई हैं। इससे कर्मचारियों की उपस्थिति की प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है।
दो करोड़ रुपये मासिक वेतन
नगर निगम के अधीन नियमित, संविदा और मोहल्ला स्वच्छता समिति से जुड़े कुल 1123 पर्यावरण मित्र शहर के 60 वार्डों में सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। इन कर्मचारियों के वेतन पर निगम हर महीने करीब दो करोड़ रुपये खर्च करता है।
हाजिरी से बचने को तोड़ी गईं मशीनें
नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग के अनुसार वार्ड-27 और 31 में करीब एक माह पहले नई बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई थीं। आरोप है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर मशीनों को क्षतिग्रस्त कर दिया ताकि बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज न करनी पड़े।

सफाईकर्मियों के वार्डों में नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं पहुंचने की शिकायतें मिली हैं। इस पर सभी सेनेटरी इंस्पेक्टरों को औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। वार्ड-56 में जांच के दौरान अनुपस्थित मिले कर्मचारियों की गैरहाजिरी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। - डॉ. सीएस टोलिया, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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