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एएसआई की टीम कर सकती है कब्रों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 May 2017 01:59 AM IST
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- फोटो : social media
जिला प्रशासन आईएसबीटी की जमीन में निकली कब्रों पर एक रिपोर्ट शासन को भेज रहा है। रिपोर्ट के आधार पर (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) एएसआई की टीम जांच कर सकती है
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गौलापार आईएसबीटी की जमीन में खुदाई निकले कब्रनुमा चबूतरों पर रहस्य बरकरार है। हालांकि कब्रों को लेकर कयासों का दौर अभी भी जारी है। हाल ही में परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने आईएसबीटी पहुंच कर इन कब्रों का निरीक्षण किया और प्रशासन को जल्द से जल्द सत्यता पता लगाने के निर्देश दिए थे।
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इसके बाद हरकत में आये जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कब्रों का निरीक्षण किया है। इस बाबत इतिहासकारों से भी बात की गई है। प्रशासन खुदाई में मिली इन कब्रों की एक रिपोर्ट शासन को भेज रहा है। रिपोर्ट के आधार पर शासन इन कब्रों की वास्तविकता जानने के लिए एएसआई से भी जांच करा सकता है।
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फिलहाल आईएसबीटी में निर्माण काम पूरी तरह ठप है। कब्रों के आसपास खुदाई व छेड़छाड़ न हो इस आशंका के मद्देनजर पुलिस की तैनाती की गई है। कब्रों के निकट जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। एसडीएम एपी वाजपेयी ने बताया कि कब्रों की एक रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। डीएम शासन को रिपोर्ट देंगे फिर एएसआई की टीम कब्रों की जांच कर सकती है।
शहीद स्मारक हो घोषित
मुस्लिम समुदाय ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर बताया कि 1850 में देश की आजादी के लिए खान बहादुर खान, अली खां मेवाती समेत दर्जनों मुस्लिम देश प्रेमियों ने अंग्रेजों से लोहा लिया था। इसी दौरान वे शहीद हुए थे। उन्होंने इन कब्रों को शहीद स्मारक घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. नईम हसन खां, उजैर अहमद, रियाज अली, अदनान खां, अखलाक खां, काशिफ आदि शामिल थे।