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कार्बेट पार्क में खुलेगा ढेला इको टूरिज्म जोन
Nainital
Updated Thu, 13 Nov 2014 05:31 AM IST
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रामनगर। वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी। कार्बेट पार्क में ढेला में नया जोन सैलानियों के लिए खोला जाएगा। इसे ‘ढेला इको टूरिज्म जोन’ के नाम दिया गया है। इस जोन के बाद पार्क में छह जोन हो जाएंगे।
कार्बेट नेशनल पार्क के उपनिदेशक डा. साकेत बड़ोला ने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व स्थित ढेला रेंज के बफर जोन क्षेत्र के करीब 1173.10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सैलानियाें की डे-विजिट के लिए नया पर्यटन जोन विकसित किया जाएगा। ढेला जोन में प्रत्येक दिन सुबह व शाम की पालियों में 15-15 वाहनों को प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही इस जोन में दो नेचर ट्रेल भी विकसित होंगे। यह ट्रेल पांच किलोमीटर के दायरे में होंगे। इसमें 500 प्रजातियों के पक्षियों के साथ ही बाघ, गुलदार, हाथी, भालू, सांभर आदि देखे जा सकते है। जिसमें सैलानी गाइड और वनकर्मियों के साथ पैदल भ्रमण कर सकेंगे।
डिप्टी डायरेक्टर के अनुसार ढेला ईको पर्यटन जोन में सैलानियों को डे-भ्रमण के लिये पार्क प्रशासन एक दिसंबर से प्रवेश देना शुरू कर देगा, जबकि नेचर ट्रेल एक जनवरी से शुरू होगा। नये जोन के लिए कोई नया मार्ग नहीं बनाया जाएगा, बल्कि पुराने रास्तों को ही मरम्मत करके चलने योग्य बनाया जाएगा।
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ये हैं कार्बेट के छह जोन
कार्बेट पार्क में अब छह जोन हो गए है। इसमें नए जोन को ढेला इको टूरिज्म जोन नाम दिया गया है, जबकि बिजरानी, ढिकाला, सोनानदी, दुर्गादेवी, झिरना जोन पहले से विकसित है।
कालागढ़ से कार्बेेट पार्क में प्रवेश देने की मांग
कालागढ़। कार्बेट नेशनल पार्क में कालागढ़ से झिरना जोन में भ्रमण की मांग की लोगों ने की है। कालागढ़ से प्रवेश करीब दो साल से बंद है। लोगों का कहना है कि कार्बेट प्रबंधन ने करीब दो वर्ष से कालागढ़ से झिरना के लिए पर्यटन बंद कर रखा है। क्षेत्र के आसिफ, शंकर सिंघल आदि का कहना है कि पर्यटन में स्थानीय लोगों की सहभागिता, रोजगार आदि का ध्यान रखना चाहिए। उधर, कार्बेट पार्क निदेशक समीर सिन्हा का कहना है कि सभी स्थितियों को आंकलन कर फैसला लिया जाएगा।
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कार्बेट नेशनल पार्क के उपनिदेशक डा. साकेत बड़ोला ने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व स्थित ढेला रेंज के बफर जोन क्षेत्र के करीब 1173.10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सैलानियाें की डे-विजिट के लिए नया पर्यटन जोन विकसित किया जाएगा। ढेला जोन में प्रत्येक दिन सुबह व शाम की पालियों में 15-15 वाहनों को प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही इस जोन में दो नेचर ट्रेल भी विकसित होंगे। यह ट्रेल पांच किलोमीटर के दायरे में होंगे। इसमें 500 प्रजातियों के पक्षियों के साथ ही बाघ, गुलदार, हाथी, भालू, सांभर आदि देखे जा सकते है। जिसमें सैलानी गाइड और वनकर्मियों के साथ पैदल भ्रमण कर सकेंगे।
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डिप्टी डायरेक्टर के अनुसार ढेला ईको पर्यटन जोन में सैलानियों को डे-भ्रमण के लिये पार्क प्रशासन एक दिसंबर से प्रवेश देना शुरू कर देगा, जबकि नेचर ट्रेल एक जनवरी से शुरू होगा। नये जोन के लिए कोई नया मार्ग नहीं बनाया जाएगा, बल्कि पुराने रास्तों को ही मरम्मत करके चलने योग्य बनाया जाएगा।
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ये हैं कार्बेट के छह जोन
कार्बेट पार्क में अब छह जोन हो गए है। इसमें नए जोन को ढेला इको टूरिज्म जोन नाम दिया गया है, जबकि बिजरानी, ढिकाला, सोनानदी, दुर्गादेवी, झिरना जोन पहले से विकसित है।
कालागढ़ से कार्बेेट पार्क में प्रवेश देने की मांग
कालागढ़। कार्बेट नेशनल पार्क में कालागढ़ से झिरना जोन में भ्रमण की मांग की लोगों ने की है। कालागढ़ से प्रवेश करीब दो साल से बंद है। लोगों का कहना है कि कार्बेट प्रबंधन ने करीब दो वर्ष से कालागढ़ से झिरना के लिए पर्यटन बंद कर रखा है। क्षेत्र के आसिफ, शंकर सिंघल आदि का कहना है कि पर्यटन में स्थानीय लोगों की सहभागिता, रोजगार आदि का ध्यान रखना चाहिए। उधर, कार्बेट पार्क निदेशक समीर सिन्हा का कहना है कि सभी स्थितियों को आंकलन कर फैसला लिया जाएगा।