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एनसीईअारटी किताबों के पक्ष में पंचायत लगाएगी सरकार
Updated Mon, 02 Apr 2018 02:12 AM IST
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किताबें
- फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। एनसीआरटी किताबों के पक्ष में सरकार शीघ्र ही जनता के बीच पंचायत लगाएगी। मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री भी इस पंचायत में शिरकत करेंगे। पंचायत का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों का दिल जीतना है।
प्रदेश सरकार ने एनसीआरटी की पुस्तकों को प्रत्येक स्कूल में लागू करने के लिए आदेश दिया था। निजी स्कूल के संचालक इस आदेश को लागू करने में विरोध कर रहे हैं। सरकार ने इस मामले में जनता के बीच जाने का निर्णय लिया है। पता चला कि सरकार एनसीआरटी की किताबें के मामले में पंचायत लगाकर बताएगी कि प्राइवेट स्कूलों की किताबें महंगी है। वहीं एनसीआरटी की किताबें सस्ती हैं। इन किताबों को प्रत्येक वर्ष बदला भी नहीं जा सकता है। अन्य बच्चे अलगे साल किताबों को पढ़ सकते हैं। इस नियम से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। इस व्यवस्था से बच्चों के कंधे पर भी कम बोझ पड़ेगा। भाजपा के नेता सुरेश तिवारी का कहना है कि इस मामले में पूर्व सांसद बलराज पासी शीघ्र ही प्रेस कांफ्रेंस कर पंचायत की तिथियों की घोषणा कर सकते हैं। सरकार समझाना चाहती है कि वह जनता पर कम आर्थिक बोझ डालने की कोशिश में लगी है।
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प्रदेश सरकार ने एनसीआरटी की पुस्तकों को प्रत्येक स्कूल में लागू करने के लिए आदेश दिया था। निजी स्कूल के संचालक इस आदेश को लागू करने में विरोध कर रहे हैं। सरकार ने इस मामले में जनता के बीच जाने का निर्णय लिया है। पता चला कि सरकार एनसीआरटी की किताबें के मामले में पंचायत लगाकर बताएगी कि प्राइवेट स्कूलों की किताबें महंगी है। वहीं एनसीआरटी की किताबें सस्ती हैं। इन किताबों को प्रत्येक वर्ष बदला भी नहीं जा सकता है। अन्य बच्चे अलगे साल किताबों को पढ़ सकते हैं। इस नियम से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। इस व्यवस्था से बच्चों के कंधे पर भी कम बोझ पड़ेगा। भाजपा के नेता सुरेश तिवारी का कहना है कि इस मामले में पूर्व सांसद बलराज पासी शीघ्र ही प्रेस कांफ्रेंस कर पंचायत की तिथियों की घोषणा कर सकते हैं। सरकार समझाना चाहती है कि वह जनता पर कम आर्थिक बोझ डालने की कोशिश में लगी है।
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