{"_id":"5a0ca82b4f1c1b74698bbf27","slug":"181510778923-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च न्यायालय ने एम्स ऋषिकेश के मामले में केंद्र, राज्य से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च न्यायालय ने एम्स ऋषिकेश के मामले में केंद्र, राज्य से मांगा जवाब
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। उच्च न्यायालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान( एम्स, ऋषिकेश) के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, उत्तराखंड स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। वाराणसी निवासी प्रवीण कुमार सिंह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एम्स (ऋषिकेश) में उपचार के बढ़े दाम कम करने की मांग को लेकर उनके द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन के बाद एम्स प्रशासन ने बढ़े हुए दाम कम कर दिए थे। इसके बावजूद तीन से पांच नवंबर के बीच की पीड़ितों से वसूली गई अधिक धनराशि नहीं लौटाई गई।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। वाराणसी निवासी प्रवीण कुमार सिंह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एम्स (ऋषिकेश) में उपचार के बढ़े दाम कम करने की मांग को लेकर उनके द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन के बाद एम्स प्रशासन ने बढ़े हुए दाम कम कर दिए थे। इसके बावजूद तीन से पांच नवंबर के बीच की पीड़ितों से वसूली गई अधिक धनराशि नहीं लौटाई गई।
विज्ञापन