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मौसम के बदले मिजाज ने बढाई काश्तकारों की चिंता
Updated Sat, 31 Mar 2018 01:48 AM IST
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हल्द्वानी। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है और मौसम लगातार करवट बदल रहा है। आसमान में काले बादल उमड़ते देख काश्तकार परेशान हैं कि कहीं गेहूं कटाई के समय बरसात या ओलावृष्टि न हो जाए। ऐसा हुआ तो काश्तकारों की हाड़तोड़ मेहनत कर उगाई गई गेहूं की फसल को बर्बाद होते देर नहीं लगेगी। ऐसे में काश्तकार मौसम की मार से बचने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
तराई भाबर में गेहूं की अच्छी पैदावार होती है। गौलापार, लामाचौड़, बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़, कठघरिया समेत आसपास के अधिकांश गांवों में खेत गेहूं की फसल से लहलहा रहे हैं। हफ्ते भर के भीतर काश्तकार गेहूं की कटाई शुरू कर सकते हैं। शुक्रवार को नैनीताल व भीमताल समेत आसपास के क्षेत्रों में हुई बरसात और ओलावृष्टि ने तराई भाबर के काश्तकारों को चिंता में डाल दिया है। शुक्रवार को तराई भाबर में भी आसमान में काले बादल नजर आए तो काश्तकारों की परेशानी और अधिक बढ़ गई।
चूंकि मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटे में हल्की बरसात, अंधड़ और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। हल्दूचौड़ निवासी काश्तकार बंशीधर शर्मा और गौलापार निवासी काश्तकार मनोज पांडे कहते हैं कि यदि इस समय बरसात या ओलावृष्टि हो गई तो खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।
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तराई भाबर में गेहूं की अच्छी पैदावार होती है। गौलापार, लामाचौड़, बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़, कठघरिया समेत आसपास के अधिकांश गांवों में खेत गेहूं की फसल से लहलहा रहे हैं। हफ्ते भर के भीतर काश्तकार गेहूं की कटाई शुरू कर सकते हैं। शुक्रवार को नैनीताल व भीमताल समेत आसपास के क्षेत्रों में हुई बरसात और ओलावृष्टि ने तराई भाबर के काश्तकारों को चिंता में डाल दिया है। शुक्रवार को तराई भाबर में भी आसमान में काले बादल नजर आए तो काश्तकारों की परेशानी और अधिक बढ़ गई।
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चूंकि मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटे में हल्की बरसात, अंधड़ और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। हल्दूचौड़ निवासी काश्तकार बंशीधर शर्मा और गौलापार निवासी काश्तकार मनोज पांडे कहते हैं कि यदि इस समय बरसात या ओलावृष्टि हो गई तो खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।
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