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स्वयं-भू मशीन के निरीक्षण को पहुंची भारत सरकार की टीम
Updated Tue, 17 Apr 2018 01:56 AM IST
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नैनीताल। भारत सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर पहुंची टीम ने सोमवार को परिसर में रसायन विज्ञान विभाग स्थित नैनो साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर में तैयार की गई स्वयं-भू डब्ल्यूआरएम-2021 मशीन का ट्रायल लिया।
रविवार को पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव ललित कपूर और एनएमएचएस के निदेशक कीरत कुमार ने डीएसबी परिसर में पहुंचे। परियोजना अधिकारी प्रो. नंद गोपाल साहू ने बताया कि परीक्षण के दौरान स्वयं-भू मशीन को संचालित किया गया। उन्होंने बताया कि 14 किलोग्राम वेस्ट प्लास्टिक का प्रयोग कर 2.5 लीटर क्रूड आयल और 3.5 किलोग्राम ग्रैफीन प्राप्त हुआ। मंत्रालय से आई टीम ने प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए जल्द मशीन को सुचारु करने की बात कही। उनका कहना है कि मशीन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इसी माह के अंत तक उसे चालू कर दिया जाएगा। इस दौरान एचओडी रसायन विज्ञान एबी मेहता, मनोज कड़ाकोटी, सीमा भंडारी, भाष्कर बोरा, सुनील धानी, हिमानी तिवाड़ी, चेतना तिवाड़ी समेत आदि शोध छात्र रहे।
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रविवार को पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव ललित कपूर और एनएमएचएस के निदेशक कीरत कुमार ने डीएसबी परिसर में पहुंचे। परियोजना अधिकारी प्रो. नंद गोपाल साहू ने बताया कि परीक्षण के दौरान स्वयं-भू मशीन को संचालित किया गया। उन्होंने बताया कि 14 किलोग्राम वेस्ट प्लास्टिक का प्रयोग कर 2.5 लीटर क्रूड आयल और 3.5 किलोग्राम ग्रैफीन प्राप्त हुआ। मंत्रालय से आई टीम ने प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए जल्द मशीन को सुचारु करने की बात कही। उनका कहना है कि मशीन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इसी माह के अंत तक उसे चालू कर दिया जाएगा। इस दौरान एचओडी रसायन विज्ञान एबी मेहता, मनोज कड़ाकोटी, सीमा भंडारी, भाष्कर बोरा, सुनील धानी, हिमानी तिवाड़ी, चेतना तिवाड़ी समेत आदि शोध छात्र रहे।
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