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ईवीएम नंबर में गड़बड़ी रोकेगा मोबाइल एप
Updated Tue, 17 Apr 2018 02:00 AM IST
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Congress on EVM
नैनीताल। अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के नंबरों में गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। भारत निर्वाचन आयोग ने ट्रेजरी और कालाढूंगी में रखी मशीनों के नंबरों की सूची मोबाइल एप के जरिए मांगी है। बार कोड के माध्यम से आयोग मशीनों की गणना करा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कौन सी ईवीएम कहां रखी है।
ईवीएम को लेकर विधान सभा चुनाव 2017 से सवाल उठाए जा रहे हैं। चुनाव के बाद बसपा की मुखिया मायावती और आम आदमी पार्टी ईवीएम हैकिंग का आरोप लगा चुकी है। ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों का चुनाव आयोग ने खंडन किया है। अब आयोग ने सतर्कता और बढ़ा दी है। लोक सभा चुनाव 2019 के लिए ईवीएम की गणना अभी से शुरू हो गई है।
निर्वाचन कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अब तक ईवीएम के नंबरों में गड़बड़ी की शिकायतें आती थीं। कई बार देखा गया कि एक ही नंबर की ईवीएम दो-दो जिलों में होना दर्शा दिया गया था। जैसे 27 नंबर की ही ईवीएम दो-दो जगह होना दर्शा दिया जाता था। अब इस गड़बड़ी से छुटकारा दिलाने के लिए भारत निर्वाचन ने मोबाइल एप से सत्यापन शुरू करा दिया है।
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निर्वाचन से जुड़े कर्मचारियों को ईवीएम का फोटो खींच कर मोबाइल के जरिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करना है। फोटो अपलोड होने के बाद निर्वाचन आयोग के पास यह सूचना पहुंचेगी कि किस नंबर की ईवीएम कहां है। ऐसे में अगर किसी जिले से ईवीएम का गलत नंबर फीड होता है तो गड़बड़ी पकड़ में आ जाएगी।
नैनीताल में ईवीएम कालाढूंगी और ट्रेजरी में रखी हुई हैं। मशीनों का डाटा मोबाइल एप से ऑनलाइन फीड करने की प्रक्रिया एक दो दिन में शुरू कर दी जाएगी।
जिले की ट्रेजरी और कालाढूंगी में रखी ईवीएम का सत्यापन होगा जल्द शुरू
भारत भर में बार कोड से हो रही ईवीएम की गणना
निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर फीड हो रहा डाटा
पहले एक ही नंबर पर फीड हो जाती थीं दो-दो ईवीएम
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ईवीएम को लेकर विधान सभा चुनाव 2017 से सवाल उठाए जा रहे हैं। चुनाव के बाद बसपा की मुखिया मायावती और आम आदमी पार्टी ईवीएम हैकिंग का आरोप लगा चुकी है। ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों का चुनाव आयोग ने खंडन किया है। अब आयोग ने सतर्कता और बढ़ा दी है। लोक सभा चुनाव 2019 के लिए ईवीएम की गणना अभी से शुरू हो गई है।
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निर्वाचन कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अब तक ईवीएम के नंबरों में गड़बड़ी की शिकायतें आती थीं। कई बार देखा गया कि एक ही नंबर की ईवीएम दो-दो जिलों में होना दर्शा दिया गया था। जैसे 27 नंबर की ही ईवीएम दो-दो जगह होना दर्शा दिया जाता था। अब इस गड़बड़ी से छुटकारा दिलाने के लिए भारत निर्वाचन ने मोबाइल एप से सत्यापन शुरू करा दिया है।
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निर्वाचन से जुड़े कर्मचारियों को ईवीएम का फोटो खींच कर मोबाइल के जरिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करना है। फोटो अपलोड होने के बाद निर्वाचन आयोग के पास यह सूचना पहुंचेगी कि किस नंबर की ईवीएम कहां है। ऐसे में अगर किसी जिले से ईवीएम का गलत नंबर फीड होता है तो गड़बड़ी पकड़ में आ जाएगी।
नैनीताल में ईवीएम कालाढूंगी और ट्रेजरी में रखी हुई हैं। मशीनों का डाटा मोबाइल एप से ऑनलाइन फीड करने की प्रक्रिया एक दो दिन में शुरू कर दी जाएगी।
जिले की ट्रेजरी और कालाढूंगी में रखी ईवीएम का सत्यापन होगा जल्द शुरू
भारत भर में बार कोड से हो रही ईवीएम की गणना
निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर फीड हो रहा डाटा
पहले एक ही नंबर पर फीड हो जाती थीं दो-दो ईवीएम