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हड़ताल पर गए लैब टेक्निशियन, जांचों को भटके मरीज
Updated Tue, 17 Apr 2018 01:52 AM IST
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नैनीताल। जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन के हड़ताल पर जाने से जांच की सुविधा सोमवार को ठप रही। पैथोलॉजी लैब बंद रही और मरीज जांच के लिए भटकते रहे। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के वैकल्पिक व्यवस्था करने के दावे हवा हवाई साबित हुए।
लैब टेक्नीशियन कई दिनों से काले फीते बांध कर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग है कि कैडर का पुनर्गठन हो, सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए, पौष्टिक आहार भत्ता आदि दिया जाए। जब मांगें पूरी नहीं हुईं तो सोमवार से बीडी पांडे जिला अस्पताल के चारों एलटी हड़ताल पर चले गए। इससे जांच सुविधाएं ठप हो गईं।
बेतालघाट क्षेत्र की गर्भवती देवकी देवी और सुमित्रा खून की जांच कराने पैथोलॉजी लैब पहुंचीं तो वहां ताला लगा था। बताया कि वह 32 किमी दूर से आई हैं। देवकी ने बताया कि उन्हें सात किमी पैदल जाना होता है क्योंकि अन्य कोई साधन नहीं है।
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इसी तरह संजय, राघव और गयाराम ने बताया कि उन्हें भी खून की जांच करानी थी, लेकिन उनके हाथ निराशा लगी है। पीएम तारा आर्या ने बताया कि गंभीर मरीजों की जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की थी, लेकिन पैथोलॉजी लैब को खुला रखने की व्यवस्था नहीं हो सकी। हमने अपनी तरफ से जांच कराने का पूरा प्रयास किया है।
जिला अस्पताल की वैकल्पिक व्यवस्था का दावा खोखला
दूरदराज से पहुंची गर्भवती महिलाओं को भी हुई परेशानी
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लैब टेक्नीशियन कई दिनों से काले फीते बांध कर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग है कि कैडर का पुनर्गठन हो, सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए, पौष्टिक आहार भत्ता आदि दिया जाए। जब मांगें पूरी नहीं हुईं तो सोमवार से बीडी पांडे जिला अस्पताल के चारों एलटी हड़ताल पर चले गए। इससे जांच सुविधाएं ठप हो गईं।
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बेतालघाट क्षेत्र की गर्भवती देवकी देवी और सुमित्रा खून की जांच कराने पैथोलॉजी लैब पहुंचीं तो वहां ताला लगा था। बताया कि वह 32 किमी दूर से आई हैं। देवकी ने बताया कि उन्हें सात किमी पैदल जाना होता है क्योंकि अन्य कोई साधन नहीं है।
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इसी तरह संजय, राघव और गयाराम ने बताया कि उन्हें भी खून की जांच करानी थी, लेकिन उनके हाथ निराशा लगी है। पीएम तारा आर्या ने बताया कि गंभीर मरीजों की जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की थी, लेकिन पैथोलॉजी लैब को खुला रखने की व्यवस्था नहीं हो सकी। हमने अपनी तरफ से जांच कराने का पूरा प्रयास किया है।
जिला अस्पताल की वैकल्पिक व्यवस्था का दावा खोखला
दूरदराज से पहुंची गर्भवती महिलाओं को भी हुई परेशानी