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एनएच-74 घोटाले में निलंबित अफसर ने मांगी सीबीआई जांच
Updated Thu, 26 Oct 2017 02:02 AM IST
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नैनीताल। एनएच-74 घोटाले में निलंबित विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। याचिका में डीपी सिंह ने एसएसपी ऊधमसिंह नगर पर तत्कालीन मंडलायुक्त के निर्देश पर दुर्भावनापूर्वक उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
डीपी सिंह ने याचिका याचिका में कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 74 का घोटाला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। कमेटी में तत्कालीन मंडलायुक्त डी. सैंथिल पांडियन भी थे। याची के मुताबिक कमेटी की एक बैठक भी नहीं हुई। याची ने कृषि भूमि को व्यावसायिक श्रेणी की दिखाकर मुआवजा हड़पने के आरोप को गलत करार दिया। डीपी सिंह के मुताबिक भू-स्वामियों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजे का भुगतान किया गया है। सरकार के आदेश पर आयकर विभाग ने उनके आवास पर छापा मारा लेकिन विभाग को उनके घर से तीन लाख रुपये के अलावा कुछ नहीं मिला। उनके तीन खाते सीज किए गए। याची ने इस मामले में विशेष जांच दल गठित करने के फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया और घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। याचिका को रजिस्ट्री में दाखिल किया गया है। जल्द ही इस प्रकरण पर सुनवाई होने की संभावना है।
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डीपी सिंह ने याचिका याचिका में कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 74 का घोटाला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। कमेटी में तत्कालीन मंडलायुक्त डी. सैंथिल पांडियन भी थे। याची के मुताबिक कमेटी की एक बैठक भी नहीं हुई। याची ने कृषि भूमि को व्यावसायिक श्रेणी की दिखाकर मुआवजा हड़पने के आरोप को गलत करार दिया। डीपी सिंह के मुताबिक भू-स्वामियों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजे का भुगतान किया गया है। सरकार के आदेश पर आयकर विभाग ने उनके आवास पर छापा मारा लेकिन विभाग को उनके घर से तीन लाख रुपये के अलावा कुछ नहीं मिला। उनके तीन खाते सीज किए गए। याची ने इस मामले में विशेष जांच दल गठित करने के फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया और घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। याचिका को रजिस्ट्री में दाखिल किया गया है। जल्द ही इस प्रकरण पर सुनवाई होने की संभावना है।
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