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जो दोषी हैं, उन्हें पकड़ो साहब, वो तो घूम रहे हैं
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:46 AM IST
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हल्द्वानी। जिस शिकायतकर्ता किसान की शिकायत पर काठगोदाम थाना प्रभारी नीरज भाकुनी निलंबित हुए थे वह शनिवार को बेटे के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सफाई देने पहुंचा। उसका कहना था कि जो सिपाही दोषी हैं उन पर डंडा चलाया जाए न कि बेकसूर को शिकार बनाया जाए। बाप बेटे दोनों दिन भर पुलिस दफ्तर में इंतजार करते रहे लेकिन सुनवाई नहीं हुई। देर रात सीओ ने उनकी बात सुनी और तीन चार दिन बाद फिर बुलाया है।
शनिवार को देहरादून से हल्द्वानी पहुंचे शिकायतकर्ता किसान पूरन चंद्र चंदोला ने भाकुनी के निलंबन पर आत्मग्लानि से भर गए। वह शनिवार की सुबह बेटे गिरीश को लेकर हल्द्वानी में पूर्व ब्लाक प्रमुख शांति भट्ट के आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने भट्ट के जरिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर सफाई देने की कोशिश की तो उन्होंने चंदोला को सीओ ढौडियाल से मिलने की बात कही। इस पर दोपहर में वह पुलिस बहुद्देश्यीय भवन पहुंच गए। वह दिन भर दफ्तर में खड़े होकर सीओ का इंतजार करते रहे लेकिन जुलूस में होने की वजह से नहीं पहुंच सके। रात होने पर बाप बेटे का हौसला जवाब दे गया और दोनों लिखित में प्रार्थना देकर जाने लगे कि इस बीच सीओ सिटी पहुंच गए। उन्होंने दोनों की पूरी बात सुनी और उन्हें तीन-चार दिन बाद जांच के लिए दोबारा बुलाया है।
ये था मामला
ज्योलीकोट निवासी पूरन चंद्र चंदोला की शिकायत पर शुक्रवार को लैंसडाउन में एक गोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल जन्मेजय खंडूरी को फोन पर काठगोदाम में किसान से पैसे मांगने वाले कर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस क्रम में उन्होंने काठगोदाम थाना प्रभारी नीरज भाकुनी को तत्काल निलंबित कर दिया गया था।
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जो दोषी हैं, उन्हें पकड़ो साहब। वो तो अभी भी बाहर घूम रहे हैं। मौके पर ये दरोगा नहीं थे। इन पर गलत कार्रवाई की गई है। हमारी यही मांग है कि जिन्होंने कुछ नहीं किया उन पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। - पूरन चंद्र चंदोला, शिकायतकर्ता किसान
सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा
नीरज भाकुनी को महज 500 रुपये के लिए बर्खास्त किये जाने का मामला व्हाटस एप और फेसबुक पर दिन भर चर्चाओं में रहा है। एसएसपी के फैसले के पक्ष और विपक्ष में दिन भर संदेशों का खूब आदान-प्रदान हुआ।
सिपाहियों ने किसान से रुपये मांगे हैं यह बात सामने आ रही है। अब इस मुद्दे की गंभीरता से जांच होनी जरूरी है। सीओ ढौडियाल को सख्त निर्देश दिए है कि ढंग से इस प्रकरण की जांच की जाए। - जन्मेजय खंडूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल
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शनिवार को देहरादून से हल्द्वानी पहुंचे शिकायतकर्ता किसान पूरन चंद्र चंदोला ने भाकुनी के निलंबन पर आत्मग्लानि से भर गए। वह शनिवार की सुबह बेटे गिरीश को लेकर हल्द्वानी में पूर्व ब्लाक प्रमुख शांति भट्ट के आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने भट्ट के जरिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर सफाई देने की कोशिश की तो उन्होंने चंदोला को सीओ ढौडियाल से मिलने की बात कही। इस पर दोपहर में वह पुलिस बहुद्देश्यीय भवन पहुंच गए। वह दिन भर दफ्तर में खड़े होकर सीओ का इंतजार करते रहे लेकिन जुलूस में होने की वजह से नहीं पहुंच सके। रात होने पर बाप बेटे का हौसला जवाब दे गया और दोनों लिखित में प्रार्थना देकर जाने लगे कि इस बीच सीओ सिटी पहुंच गए। उन्होंने दोनों की पूरी बात सुनी और उन्हें तीन-चार दिन बाद जांच के लिए दोबारा बुलाया है।
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ये था मामला
ज्योलीकोट निवासी पूरन चंद्र चंदोला की शिकायत पर शुक्रवार को लैंसडाउन में एक गोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल जन्मेजय खंडूरी को फोन पर काठगोदाम में किसान से पैसे मांगने वाले कर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस क्रम में उन्होंने काठगोदाम थाना प्रभारी नीरज भाकुनी को तत्काल निलंबित कर दिया गया था।
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जो दोषी हैं, उन्हें पकड़ो साहब। वो तो अभी भी बाहर घूम रहे हैं। मौके पर ये दरोगा नहीं थे। इन पर गलत कार्रवाई की गई है। हमारी यही मांग है कि जिन्होंने कुछ नहीं किया उन पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। - पूरन चंद्र चंदोला, शिकायतकर्ता किसान
सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा
नीरज भाकुनी को महज 500 रुपये के लिए बर्खास्त किये जाने का मामला व्हाटस एप और फेसबुक पर दिन भर चर्चाओं में रहा है। एसएसपी के फैसले के पक्ष और विपक्ष में दिन भर संदेशों का खूब आदान-प्रदान हुआ।
सिपाहियों ने किसान से रुपये मांगे हैं यह बात सामने आ रही है। अब इस मुद्दे की गंभीरता से जांच होनी जरूरी है। सीओ ढौडियाल को सख्त निर्देश दिए है कि ढंग से इस प्रकरण की जांच की जाए। - जन्मेजय खंडूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल