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थलीसैंण के जंगलों में जहर देकर मारते थे गुलदार
अमर उजाला ब्यूरो कोटद्वार
Updated Wed, 27 Jan 2016 09:23 PM IST
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बुधवार को गुलदार की खाल और हड्डी के साथ दबोचे गए तस्करों से हुई पूछताछ में यह बात सामने आई है। पुलिस को अंदेशा है कि थलीसैंण और कोटद्वार क्षेत्र में कई और लोग भी वन्यजीव अंगों की तस्करी में संलिप्त हो सकते हैं।
पुलिस बरामद खाल और हड्डियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। वन अधिकारियों ने बरामद खालों को देखने के बाद बताया कि इन गुलदारों को एक से दो साल के अंदर निशाना बनाया गया है। इनमें एक खाल गुलदार के शावक की और अन्य छह खालें आठ से नौ साल के बीच के गुलदारों की है। इस काम में लगे लोगों को क्षेत्र के जंगलों का भूगोल अच्छी तरह से पता है। वे यह पता कर लेते थे कि मरा हुआ जीव गुलदार ने मारा है या फिर अन्य जीव ने। केवल गुलदार के शिकार में जहर डाला जाता है।
चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जेल
कोटद्वार। पुलिस ने वन्यजीव अंगों की तस्करी के चारों आरोपियों मनोज धस्माना, पंकज रावत, प्रेम सिंह और अर्जुन सिंह को बुधवार दोपहर सिमलचौड़ स्थित एसीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां न्यायालय ने चारों को चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेजने के आदेश दिए हैं। रात होने के कारण पुलिस बृहस्पतिवार सुबह उन्हें लेकर पौड़ी के लिए रवाना होगी।
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एसपी और आईजी गढ़वाल देंगे पुलिस टीम को इनाम
एसपी राजीव स्वरुप ने कहा कि वन्यजीव अपराध में रिकवरी का यह अब तक सबसे बड़ा मामला है। उनकी ओर से पुलिस टीम को ढाई हजार और आईजी गढ़वाल ने दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। तेरह सदस्यीय इस पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक जेएस पुंडीर, एसएसआई विजय सिंह, एसओजी प्रभारी विकास भारद्वाज के अलावा कांस्टेबल राहुल फोर, हरीशलाल, विनय थपलियाल, अमित राणा, भूपेंद्र सिंह, सुनित कुमार, अनुज कुमार, सुभाष शर्मा, पान सिंह, देवेंद्र सिंह शामिल हैं।
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पुलिस बरामद खाल और हड्डियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। वन अधिकारियों ने बरामद खालों को देखने के बाद बताया कि इन गुलदारों को एक से दो साल के अंदर निशाना बनाया गया है। इनमें एक खाल गुलदार के शावक की और अन्य छह खालें आठ से नौ साल के बीच के गुलदारों की है। इस काम में लगे लोगों को क्षेत्र के जंगलों का भूगोल अच्छी तरह से पता है। वे यह पता कर लेते थे कि मरा हुआ जीव गुलदार ने मारा है या फिर अन्य जीव ने। केवल गुलदार के शिकार में जहर डाला जाता है।
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चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जेल
कोटद्वार। पुलिस ने वन्यजीव अंगों की तस्करी के चारों आरोपियों मनोज धस्माना, पंकज रावत, प्रेम सिंह और अर्जुन सिंह को बुधवार दोपहर सिमलचौड़ स्थित एसीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां न्यायालय ने चारों को चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेजने के आदेश दिए हैं। रात होने के कारण पुलिस बृहस्पतिवार सुबह उन्हें लेकर पौड़ी के लिए रवाना होगी।
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एसपी और आईजी गढ़वाल देंगे पुलिस टीम को इनाम
एसपी राजीव स्वरुप ने कहा कि वन्यजीव अपराध में रिकवरी का यह अब तक सबसे बड़ा मामला है। उनकी ओर से पुलिस टीम को ढाई हजार और आईजी गढ़वाल ने दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। तेरह सदस्यीय इस पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक जेएस पुंडीर, एसएसआई विजय सिंह, एसओजी प्रभारी विकास भारद्वाज के अलावा कांस्टेबल राहुल फोर, हरीशलाल, विनय थपलियाल, अमित राणा, भूपेंद्र सिंह, सुनित कुमार, अनुज कुमार, सुभाष शर्मा, पान सिंह, देवेंद्र सिंह शामिल हैं।