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इस बार भी नहीं होंगे हलक तर
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Tue, 31 Jan 2017 10:41 PM IST
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श्रीनगर। खिर्सू विकासखंड की 110 बस्तियों को इस वर्ष भी गर्मियों में पेयजल किल्लत से जूझना पड़ेगा। इन बस्तियों के लिए बनाई जा रही खिर्सू-ढिकालगांव पंपिंग पेयजल योजना का कार्य जुलाई माह तक पूर्ण हो पाएगा। जबकि वर्ष 2014 में स्वीकृत इस पेयजल योजना का कार्य इस वर्ष के मार्च माह तक पूरा होना था।
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खिर्सू विकासखंड के 27 ग्राम पंचायतों की 110 आवासीय बस्तियों के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल संपूर्ति कार्यक्रम के तहत खिर्सू-ढिकाल गांव पंपिंग योजना स्वीकृत की गई थी। इस योजना से करीब 15 हजार से अधिक की आबादी को तीन चरणों में पेयजल आपूर्ति की जानी थी। प्रथम चरण में 32, द्वितीय चरण में 48 व तृतीय चरण में 30 बस्तियों को पेयजल आपूर्ति होनी थी। पेयजल योजना निर्माण की लागत करीब 29 करोड़ है। स्थानीय निवासी महेशानंद, कुलदीप, गायत्री देवी आदि का कहना है कि योजना कार्य जल्द पूरा किए जाने के लिए विभागीय अधिकारियों से कई बार लिखित व मौखिक रूप से कहा गया, लेकिन विभाग ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में इस वर्ष भी हमें गर्मियों में पेयजल किल्लत से जूझना पड़ेगा।
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निर्माण कार्य के लिए समय पर धनराशि उपलब्ध न होने से कार्य पूर्ण करने में देरी हुई है। अभी तक 13 करोड़ की धनराशि ही निर्गत हो पाई है। केंद्र से धनराशि न मिलने से योजना को पूर्ण नाबार्ड के माध्यम से की जा रही है।
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संदीप कश्यप, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता