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शिक्षक व शिक्षार्थी में हो सांमजस्य: प्रो. कौल
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Fri, 29 Apr 2016 10:40 PM IST
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सरस्वती विद्यामंदिर श्रीकोट के वार्षिकोत्सव के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा का नहीं बल्कि मानवता का स्तर गिर गया है। शिक्षा जीवन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए शिक्षा में समानता होनी चाहिए।
मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. जेएल कौल ने कहा शिक्षार्थी व शिक्षक के बीच बेहतर सामंजस्य होना चाहिए। विद्यार्थी का शैक्षणिक स्तर विद्यालय के साथ ही घर के माहौल पर भी निर्भर करता है। उन्होंने अभिभावकों को नसीहत दी कि वह बच्चों को घर में बेहतर माहौल दें। आरएसएस के प्रांत संघ चालक चंद्रपाल सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का नहीं बल्कि मानवता का स्तर गिरा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में समानता होनी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहन काला ने कहा कि वर्तमान समय रोजगारपरक शिक्षा का है। प्रधानाचार्य लोकेंद्र अंथवाल ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य रणजीत सिंह नेगी, हयात सिंह झिंक्वाण, प्रमोद राणा, पुरुषोत्तम गैरोला, कुलदीप नेगी, सुरेश, सुदर्शन तेजपाल, पिंकी अंथवाल, अनुराधा, सरोज, किरन व निधि शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन छात्रों ने ही किया। वार्षिकोत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शिशु मंदिर के छात्रों की प्रस्तुति सबसे अच्छे मेरे पापा गीत नाटिका ने दर्शकों का मन मोह लिया।
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मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. जेएल कौल ने कहा शिक्षार्थी व शिक्षक के बीच बेहतर सामंजस्य होना चाहिए। विद्यार्थी का शैक्षणिक स्तर विद्यालय के साथ ही घर के माहौल पर भी निर्भर करता है। उन्होंने अभिभावकों को नसीहत दी कि वह बच्चों को घर में बेहतर माहौल दें। आरएसएस के प्रांत संघ चालक चंद्रपाल सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का नहीं बल्कि मानवता का स्तर गिरा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में समानता होनी चाहिए।
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सामाजिक कार्यकर्ता मोहन काला ने कहा कि वर्तमान समय रोजगारपरक शिक्षा का है। प्रधानाचार्य लोकेंद्र अंथवाल ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य रणजीत सिंह नेगी, हयात सिंह झिंक्वाण, प्रमोद राणा, पुरुषोत्तम गैरोला, कुलदीप नेगी, सुरेश, सुदर्शन तेजपाल, पिंकी अंथवाल, अनुराधा, सरोज, किरन व निधि शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन छात्रों ने ही किया। वार्षिकोत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शिशु मंदिर के छात्रों की प्रस्तुति सबसे अच्छे मेरे पापा गीत नाटिका ने दर्शकों का मन मोह लिया।
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