{"_id":"57ab65484f1c1b0445ee4f80","slug":"sukru-railway-bridge-built-in-one-and-a-half-months-gm","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ माह में बनेगा सुखरौ रेलवे पुल : जीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ माह में बनेगा सुखरौ रेलवे पुल : जीएम
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एके पुठिया ने बुधवार को सुखरौ नदी में क्षतिग्रस्त रेलवे पुल और कोटद्वार रेलवे स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पुल के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि पुल की मरम्मत में डेढ़ माह का समय लगेगा।
विज्ञापन
महाप्रबंधक एके पुठिया विशेष कोच से नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कोटद्वार से चलने वाली लिंक और गढ़वाल एक्सप्रेस के संचालन की जानकारी ली। इसके बाद सड़क मार्ग से जीएम विगत 23 जुलाई को सुखरौ नदी में क्षतिग्रस्त रेलवे पुल का निरीक्षण करने पहुंचे।
विज्ञापन
इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से पुल की मरम्मत की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पुल के निर्माण में तेजी लाने और बरसात में अन्य पुलों का खतरे की आशंका के चलते गंभीरता के साथ निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सुखरौ पुल का निरीक्षण करने के बाद जीएम अधीनस्थ अधिकारियों के साथ कोटद्वार रेलवे स्टेशन पहुंचे, यहां उन्होंने सुनसान पड़े रेलवे स्टेशन का जायजा लिया और स्टेशन की सफाई चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
पत्रकारों से बातचीत में जीएम ने सुखरौ पुल के समीप हो रहे खनन को गंभीर मामला बताया। कहा कि रेलवे खतरे की आशंका वाले पुलों पर बरसात में नजर रखेगा। सुखरौ नदी पुल की मरम्मत में बरसात और नदी का जलस्तर अधिक होने से दिक्कतें आ रही हैं।
बरसात के बाद ही इस पर तेजी से कार्य शुरू हो पाएगा। पुल के पिलर का निर्माण पूरा होने और रेल सेवा शुरू कराने में डेढ़ महीने का समय लग जाएगा। इस मौके पर रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन के अधिकारी मौजूद थे।
कोटद्वार स्टेशन में ओवरब्रिज का कोई प्रस्ताव नहीं मिला
महाप्रबंधक एके पुठिया ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि कोटद्वार रेलवे स्टेशन में ओवर ब्रिज बनाने का कोई प्रस्ताव उनके संज्ञान में नहीं है। प्रदेश सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव उन्हें नहीं मिला है। यदि प्रदेश सरकार अपने खर्चे पर जनहित में यहां ओवरब्रिज बनाना चाहती है तो उसे स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।