{"_id":"660af0e79fb717843803e9c1","slug":"solar-fencing-not-installed-in-14-villages-of-duggada-range-causing-harm-to-wildlife-kotdwar-news-c-5-1-gkp1010-382730-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: दुगड्डा रेंज के 14 गांवों में नहीं लगी सोलर फेंसिंग तारबाड़, वन्यजीव पहुंचा रहे नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: दुगड्डा रेंज के 14 गांवों में नहीं लगी सोलर फेंसिंग तारबाड़, वन्यजीव पहुंचा रहे नुकसान
विज्ञापन
दुगड्डा। लैंसडौन वन प्रभाग के दुगड्डा रेंज के अंतर्गत 14 गांवों में काश्तकारों को वन्यजीवों के आतंक से निजात दिलाने के लिए सोलर फेंसिंग तारबाड़ लगाने की योजना बजट के अभाव में अभी तक परवाह नहीं चढ़ पाई है। गत वर्ष सितंबर माह में वन विभाग की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव मांगे गए थे। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, लेकिन अभी तक शासन की ओर से इसके लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है, जिससे काश्तकारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
दुगड्डा रेंज के अंतर्गत उमरैला ग्रामसभा के राजस्व ग्राम उमरैला, महरगांव, ग्राम सभा सिमलचौड़ के राजस्व ग्राम अल्दावा, सिद्धपुर, कूरीखाल, गोदी छोटी, नाथूपुर, साझासैंण, गुनी बस्यूर ग्रामसभा जमरगड्डी के वीणी जमरगड्डी, गोजेटा, आमसौड़ ग्रामसभा के आमसौड़, झिंडी डांडा गांव में ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि है। जंगली जानवर काश्तकारों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे काश्तकारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। ग्रामीण वर्षों से वन सीमा से सटे इन गांवों में फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग तारबाड़ लगाने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। विगत वर्ष सितंबर माह में वन विभाग की ओर से इन गांवों में सोलर फेंसिंग तारबाड़ लगाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। ग्रामसभा की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद लैंसडौन वन प्रभाग ने शासन से बजट की डिमांड की थी। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है, लेकिन अभी तक शासन की ओर से सोलर फेंसिंग के लिए बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे काश्तकार स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। काश्तकारों का कहना है कि जंगली जानवर लगातार फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। शासन की ओर से उनकी फसलों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजार नहीं किए जा रहे हैँ।
.
दुगड्डा रेंज के 14 गांवों में सोलर फेंसिंग तारबाड़ के लिए शासन से बजट की डिमांड की गई थी। इसके अलावा इन गांवों की पैदल रास्तों के दोनों ओर तीन-तीन मीटर लैंटाना झाड़ी कटान का प्रस्ताव भी भेजा गया था। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है शासन की ओर से अभी तक दोनों प्रस्तावों के लिए बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। नए वित्तीय वर्ष में पुन: प्रस्ताव तैयार कर शासन से बजट की डिमांड की जाएगी।
विज्ञापन
- प्रमोद डोबरियाल, रेंजर दुगड्डा।
विज्ञापन
दुगड्डा रेंज के अंतर्गत उमरैला ग्रामसभा के राजस्व ग्राम उमरैला, महरगांव, ग्राम सभा सिमलचौड़ के राजस्व ग्राम अल्दावा, सिद्धपुर, कूरीखाल, गोदी छोटी, नाथूपुर, साझासैंण, गुनी बस्यूर ग्रामसभा जमरगड्डी के वीणी जमरगड्डी, गोजेटा, आमसौड़ ग्रामसभा के आमसौड़, झिंडी डांडा गांव में ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि है। जंगली जानवर काश्तकारों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे काश्तकारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। ग्रामीण वर्षों से वन सीमा से सटे इन गांवों में फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग तारबाड़ लगाने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। विगत वर्ष सितंबर माह में वन विभाग की ओर से इन गांवों में सोलर फेंसिंग तारबाड़ लगाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। ग्रामसभा की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद लैंसडौन वन प्रभाग ने शासन से बजट की डिमांड की थी। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है, लेकिन अभी तक शासन की ओर से सोलर फेंसिंग के लिए बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे काश्तकार स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। काश्तकारों का कहना है कि जंगली जानवर लगातार फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। शासन की ओर से उनकी फसलों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजार नहीं किए जा रहे हैँ।
विज्ञापन
.
दुगड्डा रेंज के 14 गांवों में सोलर फेंसिंग तारबाड़ के लिए शासन से बजट की डिमांड की गई थी। इसके अलावा इन गांवों की पैदल रास्तों के दोनों ओर तीन-तीन मीटर लैंटाना झाड़ी कटान का प्रस्ताव भी भेजा गया था। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है शासन की ओर से अभी तक दोनों प्रस्तावों के लिए बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। नए वित्तीय वर्ष में पुन: प्रस्ताव तैयार कर शासन से बजट की डिमांड की जाएगी।
विज्ञापन
- प्रमोद डोबरियाल, रेंजर दुगड्डा।