{"_id":"a67347caee95829bbe9d4a96f32c5895","slug":"sidhbali-shobha-yatra-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकली सिद्धबली की शोभायात्रा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकली सिद्धबली की शोभायात्रा
कोटद्वार
Updated Fri, 04 Dec 2015 08:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धबली महोत्सव के पहले दिन की शाम बाबा की शोभायात्रा को देखने के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में शामिल एक से बढ़कर एक झांकियों ने लोगों को जहां भक्ति भाव से गदगद किया। देवी देवताओं की झांकी जहां माहौल को भक्तिमय बनाया। वहीं हैरतंगेज झांकियों ने लोगों को दांतों तले उगलियां दबाने को मजबूर किया। महिला मंगल दलों ने गढ़ संस्कृति की अलख जगाई।
शुक्रवार को करीब चार बजे से मंदिर के मुख्य द्वार से शोभायात्रा की शुरूआत हुई। टाटा के सामने उदघाटन स्थल पर स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और समाजकल्याण मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने मेले का शुभारंभ किया। इसके पूर्व मंदिर समिति और मेला समिति के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, ब्लाक प्रमुख सुरेश असवाल, नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, बलूनी क्लासेज की प्रभारी अभिलाषा भारद्वाज को सम्मानित किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से महोत्सव को श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की।
उसके बाद शहर के मुख्य मार्गों पर शोभायात्रा निकाली गई। सिद्धबली मंदिर परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा जैसे-जैसे शहर के अंदर प्रवेश कर रही थी माहौल भक्तिमयी होता जा रहा था। भक्तों और भजनों के गूंज के अलावा सड़कों और कोई धुन सुनाई नहीं दे रही थी। शोभायात्रा में काली अखाड़ा, बाबा हरदीप अखाड़ा, साईं बाबा की झांकी, राधा-कृष्ण रास लीला, शिव पावर्ती, काली की झांकी, जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा, राजेंद्र चौहान और साथी कलाकारों का भक्ति संगीत, संपेरा बीन पार्टी, शेरे पंजाब पाइप बैंड पार्टी, नासिक मुंबई की ढोल पार्टी, अभिमन्यु युद्ध, महिशासुर बद्ध आदि की झांकियां आकर्षक का केंद्र रही। शोभायात्रा के दौरान टाटा मोटरर्स से लेकर बदरीनाथ मार्ग, झंडाचौक, नजीबाबाद रोड आदि रास्ते में कई जगह पर हलवा, पानी और चाय के स्टाल भी लगाए गए थे। शोभायात्रा गोविंद नगर स्थित गुरुद्वारे में संपन्न हुई।
विज्ञापन
.
कीर्तन मंडलियों ने दिया गढ़ संस्कृति का संदेश
- शोभायात्रा में शामिल क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों की कीर्तन मंडलियों ने भी एक से बढ़कर एक झांकियां शामिल की। किसी में नंदा देवी राजजात की झांकी, किसी ने पहाड़ की परंपरा को अपनी झांकी, तो किसी ने राघा-कृष्ण का नृत्य प्रस्तुत कर मन मोहा। महिलाएं पारंपरिक नथ को पहने गढ़वाली लोग गीतों पर थिरकती नजर आई। लोगों ने महिला मंगल दलों की झांकियों को पसंद किया।
.
आर्मी के पाइप बैंड की धुन ने किया मंत्रमुग्ध
- झांडाचौक पर लगाया गया लैंसडौन रेजिमेंटल सेंटर के पाइप बैंड की धुन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पाइप बैंड की धुन सुनने के लिए झांडाचौक पर प्रसंसकों का हुजूम उमड़ा रहा। गढ़वाल राइफल्स के पाइप बैंड ने गढ़वाली गानों मी धुनों से समा बांधा लोग अपने आप को थिरकने से नहीं रोक पाए। उन्होंने झंडाचौके से गुरजरती सिद्धबाबा की झांकी का स्वागत की धुन से बाबा की झांकी का स्वागत किया। लोग देर शाम तक बैंड की धुन पर थिरकते रहे।
.
सिद्धबाबा की झांकी रही आकर्षक का केंद्र
- शोभायात्रा में सिद्धबाबा की झांकी मुख्य आकर्षक का केंद्र रही। सिद्धबाबा की झांकी में बजरंबली की बड़ी मूर्ति बनाई गई थी। जिसपर लाइटिंग इफैक्ट लगाया गया था। झांकियों के बीच में चल रही सिद्धबाबा की झांकी के आगे मुंबई के बैंड चल रहा था। लोगों ने सिद्धबाबा की झांकी के पास आकर सुख शांति समृद्धि की कामना की। समिति के पदाधिकारियों ने लोगों को बाबा का प्रसाद वितरित किया।
.
सड़क भी भरी रही खचाखच
- शोभायात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ खचाखच भरी रही। झांडाचौक से टाटा तक तो सड़क के बीच में झांकियां भी मुश्किल से चल रही थी। लोग तालियों, फूलों से शोभायात्रा का अभिनंदन कर रहे थे तो देवताओं की झांकी आते ही हाथ जोड़कर अपनी आस्था भी प्रकट करते रहे।
.
शहर को भी लाइटों से सजाया गया
- महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए जहां तहसील परिसर से झंडाचौक तक बल्व लगाए गए थे। वहीं शहर के मुख्य चौराह झंडाचौक को रंग बिरंगी कृष्ण, शिव, ओम आदि आकृति की डिजिटल लाइटों से सजाया गया। लोगों ने भी अपने प्रतिष्ठानों और घरों पर भी सव्यं ही लड़ी लगाकर बाबा के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा को प्रकट किया।
ट्रैफिक रहा डायवर्ड पुलिस रही मुस्तैद
- सिद्धबली महोत्सव को सकुशल संचालित कराने के लिए एसडीएम और सीओ ने पुलिस कर्मियों को कोतवाली में फालिन कर आवश्यक निर्देश दिए। शोभायात्रा के दौरान शहर का ट्रैफिक डायवर्ड किया गया था। ज्यादातर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा था। हालांकि कुछ दुपहिया वाहन तो शोभायात्रा के दौरान जा रहे उसी मार्ग से निकल रहे थे। लेकिन बड़े वाहनों की एंट्री मार्ग पर पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। सीओ बचन सिंह राणा के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स भी शोभायात्रा के दौरान नगर में तैनात रही।
.
सिद्धबली महोत्सव में आज
- पिंडी महाभिषेक, सुबह पांच बजे
- एकादश कुंडलीय यज्ञ, सुबह सात बजे
- रोहित चौहान, नेहा खंकरियाल, हेमा करासी की गढ़वाल भजन संध्या, अपराह्न 12 बजे
फोटो-
जारी- नरेश थपलियाल
विज्ञापन
शुक्रवार को करीब चार बजे से मंदिर के मुख्य द्वार से शोभायात्रा की शुरूआत हुई। टाटा के सामने उदघाटन स्थल पर स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और समाजकल्याण मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने मेले का शुभारंभ किया। इसके पूर्व मंदिर समिति और मेला समिति के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, ब्लाक प्रमुख सुरेश असवाल, नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, बलूनी क्लासेज की प्रभारी अभिलाषा भारद्वाज को सम्मानित किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से महोत्सव को श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की।
उसके बाद शहर के मुख्य मार्गों पर शोभायात्रा निकाली गई। सिद्धबली मंदिर परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा जैसे-जैसे शहर के अंदर प्रवेश कर रही थी माहौल भक्तिमयी होता जा रहा था। भक्तों और भजनों के गूंज के अलावा सड़कों और कोई धुन सुनाई नहीं दे रही थी। शोभायात्रा में काली अखाड़ा, बाबा हरदीप अखाड़ा, साईं बाबा की झांकी, राधा-कृष्ण रास लीला, शिव पावर्ती, काली की झांकी, जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा, राजेंद्र चौहान और साथी कलाकारों का भक्ति संगीत, संपेरा बीन पार्टी, शेरे पंजाब पाइप बैंड पार्टी, नासिक मुंबई की ढोल पार्टी, अभिमन्यु युद्ध, महिशासुर बद्ध आदि की झांकियां आकर्षक का केंद्र रही। शोभायात्रा के दौरान टाटा मोटरर्स से लेकर बदरीनाथ मार्ग, झंडाचौक, नजीबाबाद रोड आदि रास्ते में कई जगह पर हलवा, पानी और चाय के स्टाल भी लगाए गए थे। शोभायात्रा गोविंद नगर स्थित गुरुद्वारे में संपन्न हुई।
विज्ञापन
.
कीर्तन मंडलियों ने दिया गढ़ संस्कृति का संदेश
- शोभायात्रा में शामिल क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों की कीर्तन मंडलियों ने भी एक से बढ़कर एक झांकियां शामिल की। किसी में नंदा देवी राजजात की झांकी, किसी ने पहाड़ की परंपरा को अपनी झांकी, तो किसी ने राघा-कृष्ण का नृत्य प्रस्तुत कर मन मोहा। महिलाएं पारंपरिक नथ को पहने गढ़वाली लोग गीतों पर थिरकती नजर आई। लोगों ने महिला मंगल दलों की झांकियों को पसंद किया।
.
आर्मी के पाइप बैंड की धुन ने किया मंत्रमुग्ध
- झांडाचौक पर लगाया गया लैंसडौन रेजिमेंटल सेंटर के पाइप बैंड की धुन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पाइप बैंड की धुन सुनने के लिए झांडाचौक पर प्रसंसकों का हुजूम उमड़ा रहा। गढ़वाल राइफल्स के पाइप बैंड ने गढ़वाली गानों मी धुनों से समा बांधा लोग अपने आप को थिरकने से नहीं रोक पाए। उन्होंने झंडाचौके से गुरजरती सिद्धबाबा की झांकी का स्वागत की धुन से बाबा की झांकी का स्वागत किया। लोग देर शाम तक बैंड की धुन पर थिरकते रहे।
.
सिद्धबाबा की झांकी रही आकर्षक का केंद्र
- शोभायात्रा में सिद्धबाबा की झांकी मुख्य आकर्षक का केंद्र रही। सिद्धबाबा की झांकी में बजरंबली की बड़ी मूर्ति बनाई गई थी। जिसपर लाइटिंग इफैक्ट लगाया गया था। झांकियों के बीच में चल रही सिद्धबाबा की झांकी के आगे मुंबई के बैंड चल रहा था। लोगों ने सिद्धबाबा की झांकी के पास आकर सुख शांति समृद्धि की कामना की। समिति के पदाधिकारियों ने लोगों को बाबा का प्रसाद वितरित किया।
.
सड़क भी भरी रही खचाखच
- शोभायात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ खचाखच भरी रही। झांडाचौक से टाटा तक तो सड़क के बीच में झांकियां भी मुश्किल से चल रही थी। लोग तालियों, फूलों से शोभायात्रा का अभिनंदन कर रहे थे तो देवताओं की झांकी आते ही हाथ जोड़कर अपनी आस्था भी प्रकट करते रहे।
.
शहर को भी लाइटों से सजाया गया
- महोत्सव को भव्य रूप देने के लिए जहां तहसील परिसर से झंडाचौक तक बल्व लगाए गए थे। वहीं शहर के मुख्य चौराह झंडाचौक को रंग बिरंगी कृष्ण, शिव, ओम आदि आकृति की डिजिटल लाइटों से सजाया गया। लोगों ने भी अपने प्रतिष्ठानों और घरों पर भी सव्यं ही लड़ी लगाकर बाबा के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा को प्रकट किया।
ट्रैफिक रहा डायवर्ड पुलिस रही मुस्तैद
- सिद्धबली महोत्सव को सकुशल संचालित कराने के लिए एसडीएम और सीओ ने पुलिस कर्मियों को कोतवाली में फालिन कर आवश्यक निर्देश दिए। शोभायात्रा के दौरान शहर का ट्रैफिक डायवर्ड किया गया था। ज्यादातर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा था। हालांकि कुछ दुपहिया वाहन तो शोभायात्रा के दौरान जा रहे उसी मार्ग से निकल रहे थे। लेकिन बड़े वाहनों की एंट्री मार्ग पर पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। सीओ बचन सिंह राणा के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स भी शोभायात्रा के दौरान नगर में तैनात रही।
.
सिद्धबली महोत्सव में आज
- पिंडी महाभिषेक, सुबह पांच बजे
- एकादश कुंडलीय यज्ञ, सुबह सात बजे
- रोहित चौहान, नेहा खंकरियाल, हेमा करासी की गढ़वाल भजन संध्या, अपराह्न 12 बजे
फोटो-
जारी- नरेश थपलियाल