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एसबीआई ने कब्जे में ली फैक्ट्री
अमर उजाला ब्यूरो कोटद्वार
Updated Sat, 30 Apr 2016 10:02 PM IST
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भाबर के सिगड्डी सिडकुल स्थित ग्रोथ सेंटर की एक फैक्ट्री प्रबंधन के करीब 1.11 करोड़ रुपये का लोन न चुका पाने पर प्रशासन ने शनिवार को फैक्ट्री सील करते हुए उसका कब्जा भारतीय स्टेट बैंक को दे दिया। प्रशासन ने यह कार्रवाई नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर की है।
शनिवार को बैंक अधिकारी और प्रशासन की टीम सिडकुल ग्रोथ सेंटर स्थित कास्मेटिक फैक्ट्री में पहुंचे। टीम ने फैक्ट्री और वहां के सामान का मूल्यांकन करते हुए सूची तैयार की। प्रशासन की मौजूदगी में बैंक अधिकारियों ने फैक्ट्री के मुख्य दरवाजे में ताला लगाकर सील कर दिया। नायब तहसीलदार दलीप सिंह नेगी ने बताया कि फैक्ट्री पर बैंक का एक करोड़ ग्यारह लाख अड़तालिस हजार छह सौ तेरह रुपये का बकाया है।
पूर्व में भी 29 जनवरी को फैक्ट्री को सील किया गया था। न्यायालय में अपील करने पर फैक्ट्री स्वामी को 30 मार्च 2016 तक ऋण की पहली किश्त के रूप में 25 लाख रुपये जमा करने को कहा गया था, किंतु फैक्ट्री स्वामी द्वारा किश्त जमा नहीं की गई। पैसा न मिलने पर बैंक द्वारा हाईकोर्ट नैनीताल में स्पेशल अपील दाखिल कर फैक्ट्री को नीलाम करने के लिए कब्जा दिलवाने की गुहार लगाई गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को बैंक द्वारा प्रशासन की मदद से फैक्ट्री को कब्जे में ले लिया गया। ब्यूरो
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शनिवार को बैंक अधिकारी और प्रशासन की टीम सिडकुल ग्रोथ सेंटर स्थित कास्मेटिक फैक्ट्री में पहुंचे। टीम ने फैक्ट्री और वहां के सामान का मूल्यांकन करते हुए सूची तैयार की। प्रशासन की मौजूदगी में बैंक अधिकारियों ने फैक्ट्री के मुख्य दरवाजे में ताला लगाकर सील कर दिया। नायब तहसीलदार दलीप सिंह नेगी ने बताया कि फैक्ट्री पर बैंक का एक करोड़ ग्यारह लाख अड़तालिस हजार छह सौ तेरह रुपये का बकाया है।
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पूर्व में भी 29 जनवरी को फैक्ट्री को सील किया गया था। न्यायालय में अपील करने पर फैक्ट्री स्वामी को 30 मार्च 2016 तक ऋण की पहली किश्त के रूप में 25 लाख रुपये जमा करने को कहा गया था, किंतु फैक्ट्री स्वामी द्वारा किश्त जमा नहीं की गई। पैसा न मिलने पर बैंक द्वारा हाईकोर्ट नैनीताल में स्पेशल अपील दाखिल कर फैक्ट्री को नीलाम करने के लिए कब्जा दिलवाने की गुहार लगाई गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को बैंक द्वारा प्रशासन की मदद से फैक्ट्री को कब्जे में ले लिया गया। ब्यूरो
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