{"_id":"570e79814f1c1b40584a6aea","slug":"returned-to-work-in-the-morning-evening-and-work-outs","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुबह काम पर लौटे, शाम को फिर कार्य बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुबह काम पर लौटे, शाम को फिर कार्य बहिष्कार
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Wed, 13 Apr 2016 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंचल डेरी (गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ) में गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। डेरी के कर्मचारी 16 दिन बाद बुधवार सुबह काम पर वापस लौटे और शाम होते-होते पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले गए। उनका कहना है कि प्रधान प्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे सहायक निदेशक ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है।
वहीं, प्रधान प्रबंधक राम प्रसाद का कहना है कि कर्मचारियों की मुख्य मांग प्रधान प्रबंधक जीएस मौर्य को हटाने की थी, जो पूरी हो गई है। शेष मांगों पर कार्रवाई के लिए कर्मचारियों का उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ व्यवसायिक संस्था है। जब डेरी में काम होगा, तभी वेतन भुगतान या अन्य काम हो पाएंगे।
यहां बता दे कि 11 माह का वेतन भुगतान, राजकीयकरण, प्रधान प्रबंधक को हटाने और कालागढ़ चिलिंग सेंटर की जांच सहित अन्य मांगों के लिए दुग्ध संघ के कर्मचारी 28 मार्च से काम नहीं कर रहे थे। मंगलवार को डेरी विकास संघ के निदेशक की ओर से प्रधान प्रबंधक को निलंबित करने और चिलिंग सेंटर की जांच के आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों ने बुधवार से काम पर लौटने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
दुग्ध संघ के कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अरुण शर्मा और महासचिव एसडी गार्गय ने बताया कि कर्मचारियों ने समझौता पत्र प्रधान प्रबंधक के समक्ष पेश किया। उन्होंने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस पर शाम साढ़े चार बजे कर्मचारियों ने बैठक आयोजित कर पुन: कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया।
विज्ञापन
वहीं, प्रधान प्रबंधक राम प्रसाद का कहना है कि कर्मचारियों की मुख्य मांग प्रधान प्रबंधक जीएस मौर्य को हटाने की थी, जो पूरी हो गई है। शेष मांगों पर कार्रवाई के लिए कर्मचारियों का उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ व्यवसायिक संस्था है। जब डेरी में काम होगा, तभी वेतन भुगतान या अन्य काम हो पाएंगे।
विज्ञापन
यहां बता दे कि 11 माह का वेतन भुगतान, राजकीयकरण, प्रधान प्रबंधक को हटाने और कालागढ़ चिलिंग सेंटर की जांच सहित अन्य मांगों के लिए दुग्ध संघ के कर्मचारी 28 मार्च से काम नहीं कर रहे थे। मंगलवार को डेरी विकास संघ के निदेशक की ओर से प्रधान प्रबंधक को निलंबित करने और चिलिंग सेंटर की जांच के आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों ने बुधवार से काम पर लौटने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
दुग्ध संघ के कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अरुण शर्मा और महासचिव एसडी गार्गय ने बताया कि कर्मचारियों ने समझौता पत्र प्रधान प्रबंधक के समक्ष पेश किया। उन्होंने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस पर शाम साढ़े चार बजे कर्मचारियों ने बैठक आयोजित कर पुन: कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया।